सिटी पोस्ट लाइव : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना के कच्ची दरगाह से गंगा नदी पर बने छह लेन के पुल के एक हिस्से का उद्घाटन किया. पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल से हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के लोगों को बहुत राहत मिलेगी.चिराग पासवान हाजीपुर के सांसद हैं. पुल के शिलालेख पर उनका भी नाम है. लेकिन, वे इस समारोह में नहीं आए.इसको लेकर भी अटकलों का बाज़ार गर्म है.सवाल उठ रहा है कि आखिर चिराग पासवान नीतीश कुमार को क्यों नजर-अंदाज कर रहे हैं.
लोजपा (रामविलास) के नेता अपने सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के लिए उपयुक्त विधानसभा क्षेत्र की पहचान करने में जुटे हैं.सूत्रों के अनुसार इसके लिए एनडीए से मिलने वाली विधानसभा सीटों की सूची की प्रतीक्षा की जा रही है.20 जून को सिवान में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के मंच पर ही नीतीश ने चिराग से पूछा था कि केंद्र में मंत्री रहते हुए वे विधानसभा का चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं.लेकिन चिराग पासवान ने सीधा जबाब नहीं दिया.
लोजपा (रा) के सांसद एवं बिहार के प्रभारी अरुण भारती के अनुसार चिराग ने कहा कि इस मामले वे पार्टी के निर्देशों से बंधे हुए हैं. अगर चुनाव लड़ने गए तो नामांकन से पहले आपका आशीर्वाद जरूर लेंगे. पार्टी की राज्य इकाई ने चिराग से विधानसभा चुनाव लड़ने का आग्रह किया है.उन्होंने यह नहीं बताया कि चिराग ने अब तक अपनी सहमति दी है या नहीं. असल में चिराग के विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा से एनडीए के सभी घटक दल सतर्क हो गए हैं.जेडीयू अधिक सतर्क है, क्योंकि 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग की पार्टी के अलग लड़ने के कारण जदयू 45 सीटों पर सिमट गया था.
उस समय मन मुताबिक पर्याप्त सीटें न मिलने के कारण चिराग ने अलग चुनाव लड़ने का निर्णय किया था. माना जा रहा कि अधिक सीट देने के लिए भाजपा और जदयू पर दबाव बनाने की गरज से चिराग के बिहार से चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही है.