Bihar Politics:
सिटी पोस्ट लाइव :प्रधानमंत्री मोदी के बिहार आगमन के एक दिन पहले चिराग पासवान की बीजेपी नेता जेपी नद्दा से हुई मुलाक़ात को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है.गौरतलब है कि बढ़ते अपराध को लेकर चिराग सरकार पर हमलावर हैं. चिराग पासवान के बदलते तेवर को लेकर भी चर्चाएं तेज है. चिराग की पार्टी लोजपा(रा) 243 सीटों पर चुनावी तैयारी में जुटी है. इसी बीच चिराग पासवान की दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्री मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात अहम् मानी जा रही है. दोनों नेताओं के बीच बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. माना जा रहा है कि बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर भी चिराग पासवान ने शिकायत की है.
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने ट्विट कर कहा कि, “आज नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जी से मुलाकात हुई. इस दौरान बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चाएं हुई”.जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बिहार में कानून-व्यवस्था आज गंभीर चिंता का विषय बन गई है. प्रतिदिन हत्याएं हो रही हैं, अपराधियों का मनोबल आसमान पर है. पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली समझ से परे है. चिराग ने पटना के पारस अस्पताल में हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अब अपराधी कानून और प्रशासन को सीधी चुनौती दे रहे हैं.
दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर लोजपा (रा) के प्रदेश मीडिया प्रभारी कुंदन कुमार ने बताया कि यह बैठक आगामी चुनावों को लेकर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही. हालांकि, बैठक की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है. चुनाव से ठीक पहले हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं.गौरतलब हो कि, हाल के दिनों में चिराग पासवान बिहार में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर लगातार मुखर रहे हैं. वे जदयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उनकी पार्टी एनडीए का हिस्सा है. माना जा रहा है कि वे भाजपा नेतृत्व के साथ मिलकर राज्य में बड़ी भूमिका की तैयारी कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि चिराग पासवान आने वाले विधानसभा चुनाव में जमीनी पकड़ मजबूत करने और सीटों की बेहतर हिस्सेदारी के लिए दबाव बना रहे हैं. नीतीश कुमार से उनके रिश्ते पहले भी सहज नहीं रहे हैं और अब राज्य की राजनीति में फिर से समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं.
बिहार में अक्टूबर-नवंबर के महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं.चिराग पासवान की सक्रियता से साफ है कि उनकी पार्टी न सिर्फ चुनावों में निर्णायक भूमिका चाहती है, बल्कि राज्य की सत्ता की दौड़ में भी खुद को विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या एनडीए के भीतर सीटों का बंटवारा सहजता से होगा या आने वाले दिनों में गठबंधन की राह में और रुकावटें खड़ी होंगी.