सिटी पोस्ट लाइव : प्रशांत किशोर के जन-सुराज से जुड़े तीन बड़े नेता नाराज हैं.देवेन्द्र प्रसाद यादव और मोनाजिर हसन ने पार्टी की कोर कमिटी से इस्तीफा दे दिया है.देवेन्द्र यादव और मोनाजिर हसन के इस्तीफे के बाद कहा जा रहा है कि प्रशांत किशोर को बड़ा झटका लगा है.लेकिन जब ये नेता जन-सुराज से जुड़े थे तब कहा जा रहा था कि हारे-थके लोगों की टीम बना रहे हैं.आज कहा जा रहा है कि उनकी नाराजगी से जन-सूरज को झटका लग सकता है.लेकिन सच्चाई ये है कि मंगलवार को जन-सुराज का टिकेट लेने के लिए सैकड़ों उम्मीदवार प्रशांत किशोर के पास पहुंचे.किसी ने ईन नाराज नेताओं के मुद्दे पर चर्चा नहीं की.
बिहार में चार सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव में एक हद तक मुस्लिम मतों को पाने वाली पार्टी जन सुराज के कद्दावर कहे जानेवाले दो नेता पूर्व सांसद मुनाजिर हसन और पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव ने जन सुराज की कोर कमेटी से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि वे कोर कमेटी से इस्तीफा दे रहे हैं, पर जन सुराज के साथ आगे भी मजबूती के साथ जुड़े रहेगें.
उत्तर बिहार के कद्दावर नेताओं में पूर्व सांसद देवेंद्र प्रसाद यादव शुमार किए जाते रहे हैं. जून 1996 में इनकी राजनीति चरम पर थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल के मंत्रिमंडल में वाणिज्य के अतिरिक्त प्रभार के साथ खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण मंत्री बने थे. मिथिलांचल क्षेत्र में झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र (1989-1998 और 1999-2009) से सांसद रह चुके हैं. फुलपरास विधानसभा क्षेत्र (1977-1990) से विधायक भी चुने गए थे. वे युवा लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. राजद सुप्रीमो के करीबी रहे देवेंद्र यादव ने इस बीच कई पार्टियां बदली, समाजवादी पार्टी में भी रहे. कुछ ही माह पहले 2024 को जन सुराज में शामिल हुए थे.
पूर्व संसद मोनाजिर हसन भी लालू यादव और नीतीश कुमार के करीबी रहे हैं. 15वीं लोकसभा (2009 से 2014) में बेगूसराय लोकसभा से चुनाव लड़े और जीतकर पहलीबार मुस्लिम नेता के रूप में पहचान बनाई. बेगूसराय लोकसभा से भूमिहार जाति के वर्चस्व को समाप्त किया. लेकिन पिछले कुछ सैलून से हाशिये पर थे . जुलाई 2024 को जन सुराज पार्टी में ये शामिल हुए थे.इनकी शिकायत है कि जन-सुराज को आईपैक चला रहा है.सीनियर नेताओं को अहमियत नहीं मिल रही है.उनके जैसे नेता को स्टेट कोर कमिटी की सूची में 20 वें नंबर पर रखा गया.
वरीयता का ख़्याल नहीं रखने को लेकर ही ईन दोनों वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी है. कहा जा रहा है कि डॉ. मोनाज़िर हसन सरीखे क़द्दावर मुस्लिम नेता को कोर कमिटी की सूची में 20वें नम्बर पर रखा गया. वहीं देवेन्द्र यादव की भी वरीयता का ख्याल नहीं रखा गया था.मुजफ्फरपुर में आयोजित एक बैठक में प्रशांत किशोर ने मुस्लिम नेताओं को नाराज कर दिया था. मुजफ्फरपुर से जन सुराज के सचिव जावेद अख्तर कुछ कहना चाह रहे थे. लेकिन प्रशांत किशोर ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया कि इसे आरजेडी न बनाएं. बस क्या था, जावेद अख्तर ने 200 मुस्लिम कार्यकर्ताओं के साथ जन सुराज पार्टी से इस्तीफा दे दिया. मुस्लिम नेताओं ने प्रशांत किशोर का पुतला फूंका और उन्हें ‘पॉलिटिकल किलर’ करार दे दिया.