सिटी पोस्ट लाइव :मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने तो नीतीश कुमार को अचेत साबित करने का अभियान छेड़ रखा है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते रहे हैं. वक्फ बिल पर जेडीयू के समर्थन से नीतीश को मुस्लिम विरोधी साबित करने का विपक्ष को अचूक मौका मिल गया है. वक्फ के मुद्दे पर नीतीश कुमार चुप्पी साधे हुए हैं. जेडीयू के कुछ छोटे नेताओं ने नीतीश को गुनहगार मान लिया है और आनन-फानन इस्तीफे सौंप रहे हैं.
नीतीश के लिए आवश्यक हो गया था कि वे कुछ करें. शनिवार को जेडीयू के कुछ बड़े मुस्लिम नेताओं को उन्होंने मैदान में उतार दिया.मुस्लिम नेताओं ने साफ कर दिया कि जेडीयू ने क्यों बिल का समर्थन किया.उन्होंने नीतीश को मुसलमानों के हितैषी होने के प्रमाण भी पेश किये.उनका आरोप था कि विपक्ष बेवजह नीतीश को मुस्लिम विरोधी बता रहा है. दावा भी किया कि जिन लोगों ने जेडीयू छोड़ी है, पार्टी में उनकी कोई औकात ही नहीं. बिहार के मुसलमान पूरी ताकत के साथ नीतीश कुमार और जेडीयू के साथ खड़े हैं.
बड़ी चालाकी से नीतीश ने वक्फ मुद्दे पर बड़ी सहयोगी भाजपा से संबंधों को भी बनाए रखा और अपनी सारी आपत्तियां भी मनवा लीं. जेडीयू ने पांच आपत्तियां इस मुद्दे पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को दर्ज कराईं, उसे बिल में शामिल कर लिया गया. इसके बाद बिल के विरोध का कोई औचित्य ही नहीं रह गया था.लेकिन तेजस्वी यादव अब भी इस मुद्दे से फायदे की उम्मीद पाले हुए हैं. उन्होंने आह्वान किया है – “सरकार बनाकर इस कानून को कूड़ेदान में फेंक देना है.इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके लिए बूढ़े अचेत नीतीश उनको छकाते है या तेजस्वी उन पर भारी पड़ते हैं.