नीतीश सरकार और हेमंत सरकार आमने-सामने,बिस्कोमान को लेकर भिड़ंत

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव :बिस्कोमान के चुनाव को लेकर जारी विवाद के बीच अब झारखण्ड सरकार की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. बिस्कोमान के लिए बिहार सरकार द्वारा तीन निदेशकों के नामांकन को लेकर आपति जताई है. झारखंड के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने इसे लेकर बिहार सरकार को अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. साथ ही इस मामले में राजद के पूर्व एमएलसी और बिस्कोमान के पूर्व अध्यक्ष सुनील सिंह की आपत्ति का भी समर्थन किया है.गौरतलब है कि सुनील सिंह की पत्नी इसबार विस्कोमान के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं.पिछले 15 महीने से चुनाव की प्रक्रिया चल रही है जो आजतक पूरी नहीं हुई है.

 झारखंड सरकार की ओर से कहा गया है कि बिहार राज्य सहयोग क्रय-विक्रय संघ सीमित (बिस्कोमान) एक बहु-राज्य सहकारी समिति है. ऐसे में बिहार एवं झारखण्ड के निदेशक मंडल में बिहार सरकार द्वारा तीन निदेशकों का एकतरफा नामांकन नियम विरुद्ध है. झारखंड सरकार ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए बिहार सरकार के इस निर्णय को बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 (MSCS Act) और बिस्कोमान की सुसंगत उपविधियों का उल्लंघन बताया है. बिहार एवं झारखण्ड के निदेशक मंडल में बिहार सरकार द्वारा तीन निदेशकों का एकतरफा नामांकन को झारखण्ड सरकार ने नियम विरुद्ध करार दिया  है झारखंड सरकार ने केंद्रीय निबंधक, नई दिल्ली को पत्र लिखकर इस अधिसूचना को तत्काल निरस्त करने की मांग की है. विभाग ने स्पष्ट किया कि चूंकि बिस्कोमान एक बहु-राज्य सहकारी समिति है, इसलिए निदेशक मंडल में नामांकन का अधिकार केवल केंद्रीय रजिस्ट्रार को है.

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

। 

बिस्कोमान के नवनिर्वाचित निदेशक, डॉ. सुनील कुमार सिंह ने भी बिहार सरकार के इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि बिस्कोमान, बिहार-झारखंड के विभाजन के साथ Deemed Multi-State के रूप में निबंधित है. बहु-राज्य सहकारी समिति होने के नाते बिस्कोमान में किसी भी प्रकार का आदेश, निदेश, या अधिसूचना जारी करने का अधिकार केवल केंद्रीय निबंधक, नई दिल्ली को है. उन्होंने  आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने सत्तारूढ़ दल के संख्या बल को बढ़ाने के उद्देश्य से तीन निदेशकों को नामित किया है, जो बिस्कोमान के उपविधि 27 (V & VI) का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन है. इस उपविधि के अनुसार, बिहार और झारखंड से केवल एक-एक नामित सदस्य ही बोर्ड में शामिल किया जा सकता है.

सुनील सिंह  का आरोप है कि   इन अवैध नामांकनों के माध्यम से बिहार सरकार बिस्कोमान के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के आगामी चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने सहकारी चुनाव प्राधिकरण का हवाला देते हुए कहा कि MSCS अधिनियम के तहत नामित सदस्य चुनाव में मतदान करने के पात्र नहीं हैं.झारखंड सरकार और डॉ. सुनील कुमार सिंह ने केंद्रीय रजिस्ट्रार और सहकारी चुनाव प्राधिकरण से इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप करने और बिहार सरकार की अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की है. उन्होंने बिहार सरकार से बहु-राज्य सहकारी समितियों के कानूनी ढांचे का सम्मान करने और बिस्कोमान की उपविधियों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है.

Share This Article