सिटी पोस्ट लाइव : बीपीएससी (BPSC) अभ्यर्थियों की मांग को लेकर बीते 2 जनवरी से अनशन पर चल रहे प्रशांत किशोर ने गुरुवार को नाटकीय अंदाज में गंगा नदी में स्नान और पूजा-हवन के बाद अपना अनशन तोड़ दिया है. मि जूस पीकर और खेला खाकर अपना अनशन तोड़ा है. प्रशांत किशोरने मीडिया को अपने आगे की रणनीति और गंगा नदी के किनारे मरीन ड्राइव पर बने जन सुराज की टेंट सिटी के उद्देश्य के बारे में भी बताया. प्रशांत किशोरने कहा कि गांधी जी के बताए रास्ते पर अब से सत्याग्रह शुरुआत करूंगा.
अनशन तोड़ते ही प्रशांत किशोर ने बड़ी डिमांड कर दी है. दरअसल प्रशांत किशोर ने कहा कि सीएम नीतीश की मानसिक स्थिति की जांच कराई जाए. प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं ये मांग करता हूं कि सरकार आधिकारिक तौर पर विज्ञप्ति जारी करे कि क्या नीतीश कुमार मानसिक रूप से स्वस्थ हैं बिहार की व्यवस्था चलाने में. शायद आज नीतीश जी की स्थिति है कि कोई भी निर्णय वो खुद नहीं ले रहे. सरकार एक मेडिकल पैनल बनाए और प्रदेश के मुखिया की जांच हो. 13 करोड़ की आबादी यह जानना चाहती है. अगले 10 महीने तक बिहार को कौन चलाएगा चुनाव तक ये जानकारी मिलनी चाहिए.
प्रशांत किशोर ने कहा कि अब यह आश्रम ही जन सुराज का नया पता होगा. यहां जो भी लोग आकर अपनी बात कहना चाहते हैं कह सकते हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज ने बिहार में सत्याग्रह की शुरुआत कर दी है. इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि बीपीएससी के मुद्दे पर लड़ाई की शुरुआत प्रशांत किशोर ने नहीं की बल्कि अभ्यर्थियों ने आंदोलन को आगे बढ़ाया. लेकिन, सरकार ने पूरे मामले पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई. गांधी मैदान में इसको लेकर छात्र संसद भी हुआ. मेरे भरोसे पर छात्र जुटे थे. 29 दिसंबर को पहली बार प्रशासन ने भरोसा तोड़ा जब छात्रों पर लाठीचार्ज की गयी.
प्रशांत किशोर ने कहा कि अब तक बीपीएससी के मुद्दे पर सरकार ने कोई पहल नहीं की. हमलोग आशा करते हैं कुछ ही क्षण में न्यायालय से कुछ जानकारी मिले. हमलोग अब तय किए हैं कि सिर्फ छात्रों के मुद्दे पर लड़ने की जरूरत नहीं है. प्रशांत किशोर ने कहा कि गांधी जी के बताए रास्ते पर अब आज से सत्याग्रह की शुरुआत करूंगा. आज से यहीं पर रहेंगे और इसी आश्रम से सभी कार्यक्रम किया जाएगा. यहीं रहकर हम चाहते हैं कि हर दुखी व्यक्ति के लिए ये आश्रम खड़ा उतरे. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि इस आश्रम का नाम ‘बिहार सत्याग्रह आश्रम’ रखा गया है. इस आश्रम में एक लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसी आश्रम में छात्रों के लिए भी व्यवस्था होगी जो गंगा किनारे रहकर तैयारी करते. इसमें 5 हजार लोगों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है. मैंने अनशन तोड़ने के लिए आज का दिन तय नहीं किया था. न्यायालय में आज ही फैसला आना था इसीलिए आज तय हुआ. कम से कम होली तक यानि 8 सप्ताह तक इस आश्रम को जरूर चलाएंगे. 20 जनवरी से 11 मार्च तक 1 लाख बच्चों को प्रशिक्षण दिया जायेगा.
प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि छात्रों के हित में कोर्ट से फैसला आएगा. अगर पटना उच्च न्यायालय से न्याय नहीं मिला तो सुप्रीम कोर्ट जायेंगे. सुप्रीम कोर्ट में ये मामला दायर हुआ ही नहीं था. प्रशांत किशोर ने कहा कि पूरे मीडिया के सामने मेरे साथ गांधी मैदान में ज्यादती हुई. सिर्फ शराब बंदी के मामले में जेल में अंडर ट्रायल में 1 लाख लोग बंद है. 6 जनवरी को मेरे साथ हुआ उनमें से एक भी पदाधिकारी को नहीं छोड़ेंगे. अगले दो दिनों के अंदर उन पर क्रिमिनल केस दर्ज होगा. लाठीतंत्र नहीं बनने देंगे और हम डरने वाले नहीं. गांधी की मूर्ति के पास से हटाया तो गंगा की गोद में आकर बैठ गए. गांधी की मूर्ति यहां भी लगाया हूं. ये मूर्ति भी सरकार की पोल खोल रहा. जिन बच्चों ने इस मूर्ति को बनाया था उन बच्चों को सरकार ने पैसा नहीं दी. इस मूर्ति को संग्रहालय में रखा जाना था. गांधी मैदान से हटा सकते हैं लेकिन गंगा की गोद से कैसे हटाएंगे