फेमिली की प्रतिष्ठा बचाने के चक्कर गवां दी फैमिली की प्रतिष्ठा, तेजप्रताप के लव स्टोरी की इनसाइड कहानी…

Manisha Kumari

सिटी पोस्ट लाइव :लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव हमेशा अपने परिवार के संकट का कारण बनते रहे हैं.इसबार चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पुरे परिवार को तो संकट में डाला ही है.तेजस्वी यादव के राजनीतिक भविष्य को भी बेहद प्रभावित कर दिया है.सोशल मीडिया पर अपनी प्रेमिका की कई अंतरंग तस्वीरें जारी करते हुए तेजप्रताप यादव ने कई रहस्योद्घाटन किया है.उन्होंने खुलासा किया है कि  अनुष्का यादव नाम की लड़की के साथ उनका 12 वर्षों का संबंध है.2013 से ही वे रिलेशनशिप में हैं. 7 जन्मों तक साथ रहने की झलक उनके अकाउंट से इस वायरल तस्वीरों में मिलती है.

तेजप्रताप यादव की प्रेम कहानी 12 साल पुराणी है फिर उन्होंने 7 साल पहले 12 मई 2018 को ऐश्वर्या राय के साथ शादी क्यों रचाई? क्या ऐसा उन्होंने परिवार के दबाव में किया? कारण जो भी हो उन्होंने एक नहीं दो दो लड़की का जीवन बर्बाद कर दिया. सोशल मीडिया पर अब लालू परिवार की  थू-थू हो रही है.तेज प्रताप ने उसी प्लेटफार्म के जरिए सफाई दी कि उनका अकाउंट हैक हो गया है. उनके परिवार की प्रतिष्ठा का हनन करने के लिए यह विरोधियों की चाल है. जब इसी साल बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है , तेजप्रताप के इस खुलासे से आरजेडी में भूचाल आ गया है.

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

लालू परिवार का यह मामला पार्टी को किस हद तक नुकसान पहुंचा सकता है, इसका अनुमान लगाया जा सकता है. लालू ने तेज प्रताप के खिलाफ कार्रवाई कर यह स्वीकार लिया है कि तेज प्रताप के अकाउंट से जारी हुए संदेश और तस्वीरें सही हैं.पप्पू यादव जैसे नेता चुटकी ले रहे हैं.पप्पू यादव कहते हैं कि इस साहस को सलाम किया जाना चाहिए. उन्होंने अपना प्रेम निभाया है. लेकिन क्या  उनकी इस बात के लिए लानत-मलामत भी नहीं होनी चाहिए कि उन्होंने यह हिम्मत तब नहीं दिखाई  जब उनकी शादी ऐश्वर्या राय के साथ हो रही थी.

ऐश्वर्या से शादी के वक्त की तस्वीरों में तेज प्रताप के चेहरे की  मुस्कान ये बताने के लिए काफी है  कि शादी उनकी सहमती से हो रही थी. बहरहाल, विरोधियों को तेज प्रताप ने मौका दे दिया है. चुनावी साल और हवा का रुख पक्ष में होने के बावजूद तेजस्वी अपने समाज के लोगों को तरह-तरह के सवालों का कैसे जवाब देंगे, जो अब उठ रहे हैं या देर-सवेर जरूर उठेंगे. लालू परिवार ने एक प्रतिष्ठित स्वजातीय परिवार की लड़की का जीवन बर्बाद क्यों कर दिया. विरोधी यह भी साबित करने की कोशिश करेंगे कि जिन पर यादव बिरादरी के लोगों ने आंख मूंद कर विश्वास किया, वे उनके साथ किस किस्म का बर्ताव कर रहे हैं.

लालू परिवार को जब इसकी गंभीरता का एहसास हुआ तो उनकी भाषा बदल गई. लालू ने तो अपने ही बेटे के खिलाफ सख्त कदम उठा लिया.tejpratap यादव को पार्टी और परिवार दोनों से निष्काषित कर दिया.लोग कैसे विश्वास करेगें कि तेज प्रताप के इस प्रेम प्रसंग के बारे में परिवार को पता नहीं था. जिस लड़की से अपने 13 साल के रिलेशनशिप की वे बात कह रहे हैं, उसके भाई को उन्होंने एक बार पार्टी की मर्जी के खिलाफ छात्र युवा आरजेडी  का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत कर दिया था. इसे लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह इतने खफा हुए थे कि उन्होंने लंबे वक्त तक पार्टी कार्यालय आना ही छोड़ दिया था. बाद में लालू यादव ने दखल देकर जगदानंद सिंह को मनाया. आकाश को पद से हटा दिया गया. तेजप्रताप  यादव के आकाश सिंह और उनकी बहन के साथ रिश्ते की कहानी तो पार्टी के हर नेता-कार्यकर्ता की जुबान पर है.इसी वजह से आकाश सिंह से लालू परिवार नाराज रहता था.जाहिर है लालू फेमिली को सब पता था.उन्हें यह रिश्ता मंजूर नहीं था इसलिए उन्होंने एक प्रतिष्ठित परिवार की बेटी को अपना बहू बनाने का फैसला लिया लेकिन इस रिश्ते को भी संभाल नहीं पाए.

Share This Article