फेल हो गई मोदी की डिप्लोमेसी, पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए कौन कर रहा फंडिंग?

Manisha Kumari

पाकिस्तान पर बरस रहे पैसे, भारत का दोस्त भी कर रहा दगाबाजी, क्या ?

सिटी पोस्ट लाइव : आर्थिकरूप से कंगाल पाकिस्तान भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए हर साल खर्च होनेवाले हजारों करोड़ का फण्ड कहाँ से लाता है? रोटी और रोजगार के लिए तरस रहे पाकिस्तान को जंग और कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए इतने पैसे कहां से मिलते हैं? जबाब सामने है.अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), एशियाई विकास बैंक (ADB) और वर्ल्ड बैंक (WORLD BANK) पाकिस्तान के फिनंसर हैं. भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड (IMF) ने हाल ही में पाकिस्तान को लगभग एक अरब अमरीकी डॉलर तत्काल जारी करने को मंजूरी दे दी. भारत ने इसका विरोध किया और आईएमएफ की महत्वपूर्ण बैठक में मतदान से परहेज किया. भारत ने कहा कि पाकिस्तान इस फंड का यूज सीमा पार आतंकवाद के लिए कर सकता है.

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

सितंबर 2024 में, पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर के कर्ज के लिए मंजूरी मिली थी. 1958 से लेकर अब तक पाकिस्तान IMF के सामने 24 बार हाथ फैला चुका .IMF ने  पाकिस्तान  को 1.02 अरब डॉलर (करीब 8400 करोड़ रुपये) की दूसरी किस्त जारी कर दी है. IMF ने इससे पहले 9 मई को पाकिस्तान को 1 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया था. पाकिस्तान को यह फंड एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) प्रोग्राम के तहत दी गई है.

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने राजकोषीय स्थिरता को मजबूत करने और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए पाकिस्तान के लिए 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मंजूरी दी. पाकिस्तान हर साल भारत में आतंक बनाए रखने के सालाना करीब 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 42 करोड़ रुपए) खर्च करता है. पाकिस्तान  जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए आतंकियों पर करीब सालाना 79 से 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 683 करोड़ रुपए सालाना खर्च करता है. ये खर्च आतंकियों को रिक्रूट करने, हमलों को अजांम देने और आतंकियों की सैलरी पर खर्च करता है.

रिपोर्टों के मुताबिक, एशियन डेवलपमेंट बैंक ने पाकिस्तान को 43.4 बिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता दी है. वर्ल्ड बैंक ने भी पाकिस्तान में चल रहे 365 प्रोजेक्ट्स के लिए 49.7 बिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें जनवरी 2025 में 20 बिलियन डॉलर का एक बड़ी डील भी शामिल है. पाकिस्तान इस फंडिंग का इस्तेमाल आतंकियों को पनाह देने, हथियार खरीदने और LOC पर घुसपैठ करने के लिए कर रहा है.

IMF का खजाना इसके सदस्य देशों के कोटा से भरता है. हर देश अपनी अर्थव्यवस्था के आकार के हिसाब से इसमें पैसा डालता है. ये कोटा ही IMF का मुख्य फंड है, जिससे वो गरीब देशों को कर्ज देता है. दिसंबर 2023 तक IMF के पास करीब 982 बिलियन SDR (Special Drawing Rights, IMF की खास मुद्रा) थे, जिनमें से 695 बिलियन SDR कर्ज देने के लिए उपलब्ध थे.

IMF में सबसे बड़ा कोटा देने वाला देश अमेरिका है,जो करीब 83 बिलियन डॉलर (17% कोटा) देता है. इसके बाद जापान, चीन, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम का नंबर आता है. IMF का एक रूल है, जो देश जितना ज्यादा कोट देगा उसके पास वोटिंग की पावर भी उतनी अधिक होगी. अमेरिका के पास 16-17% वोटिंग अधिकार हैं, जिससे वो IMF के फैसलों में बड़ा रोल निभाता है. अमेरिका चाहे तो आईएमएफ को पाकिस्तान को पैसे देने पर रोक लगा दे, मगर पाकिस्तान उसका परंपरागत दोस्त है.

Share This Article