: प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण के लिए राजद अडिग, लालू यादव बोले- बिहार की जनता…
सिटी पोस्ट लाइव :आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन लालू ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.उन्होंने कहा कि बिहार की जनता बदलाव का मन बना चुकी है. उपमुख्यमंत्री रहते हुए मात्र 17 माह में तेजस्वी यादव ने जो उपलब्धियां प्राप्त की हैं, वह उदाहरण बन गया है. मतदाता-सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लोकतंत्र और संविधान विरोधी बताते हुए तेजस्वी ने इसके विरोध का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यह गरीबों, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा, अति-पिछड़ा और अल्पसंख्यकों से मताधिकार छीनने का षड्यंत्र है.
बैठक में राजनीतिक और सामाजिक प्रस्ताव में सामाजिक न्याय, जातिगत जनगणना और आरक्षण से संबंधित बातें हैं. जातिगत जनगणना को सामाजिक न्याय की बुनियाद बताया गया और कहा गया कि राजद इसके लिए अडिग है. इसके आधार पर आरक्षण की मात्रा का सहज और समरूप निर्धारण हो पाएगा.न्यायालय द्वारा निर्धारित आरक्षण-सीमा (50 प्रतिशत) को राजद अन्यायपूर्ण व अव्यावहारिक मानता है. पिछड़ा वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलना चाहिए. निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की व्यवस्था अनिवार्य रूप से हो, ताकि आर्थिक विकास में सभी वर्गों को भागीदारी मिल सके. यह सामाजिक न्याय बनाम वर्चस्व का मुद्दा है और राजद इसके लिए संघर्षरत रहेगा.क्रोनी कैपिटलिज्म की चर्चा करते हुए कहा गया कि स्वतंत्र भारत में ऐसा पहली बार हुआ है जब देश की संपदा कुछ कारपोरेट घरानों को बेची जा रही है.
तेजस्वी यादव ने कहा किया नई शिक्षा नीति वंचितों के लिए अभिशाप है. वर्तमान सरकार में शिक्षा में असमानता बढ़ गई है. शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च घट रहा है. पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई के पैमाने पर समाज के कमजोर वर्ग हाशिये पर चले गए हैं. शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार खर्च में कटौती कर रही है.2004-05 में शिक्षा पर सरकार सेस के अलावा बजट का 2.3 प्रतिशत राशि खर्च कर रही थी. वह घटकर 2025 में एक प्रतिशत हो गया। स्वास्थ्य पर बजट का मात्र 1.2 प्रतिशत खर्च हो रहा है. इसके कारण लगभग 30 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य सुविधा से वंचित हैं.