‘बाप-दादा’ पर पहुंच गए पप्पू यादव, राजा-महाराजाओं को भी नहीं छोड़ा.

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सिटी पोस्ट लाइव : पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर भाषण देते हुए राजा-महाराजाओं और पूर्व रजवाड़ों पर सवाल उठाकर हंगामा खड़ा कर दिया. उन्होंने पूछा कि क्या वे अपने बाप के घर से जमीन लिखवाकर लाए थे. पप्पू यादव के इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई. बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने इसकी निंदा करते हुए स्पीकर से पप्पू यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान पप्पू यादव ने इस्लाम से पहले बौद्ध धर्म के होने की बात कही. उन्होंने जमींदारों पर आदिवासियों की जमीन हड़पने का आरोप लगाया.

पप्पू यादव ने बीजेपी पर भी उन्होंने कई आरोप लगाए. उनके भाषण के दौरान सदन में हंगामा भी हुआ. पप्पू यादव ने सदन में कहा कि इस्लाम से पहले दुनिया में बौद्ध धर्म आया था.उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म गरीबों, दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों पर हमले के बाद आया था. बौद्ध धर्म ने सर्वधर्म समभाव और वसुधैव कुटुंबकम की बात की थी.उन्होंने कहा कि इस्लाम ने जमीनों पर कब कब्जा किया, इसे छोड़ देना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे गरीब और मूल आदिवासियों की जमीनें जमींदारों और रजवाड़ों के पास चली गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये जमीनें उन्हें अंग्रेजों की दलाली से मिली थी.

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पप्पू यादव ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने हिंदुओं को बचाने के लिए नहीं, बल्कि मानवता को बचाने के लिए अपनी कुर्बानी दी थी. उन्होंने बीजेपी पर मंडल कमीशन के खिलाफ कमंडल लाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उस समय लगभग 13 हजार ओबीसी का कत्लेआम किया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी आरक्षण, जाति जनगणना और एससी-एसटी अधिकारों का विरोध करती है.पप्पू यादव ने सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर वक्फ बिल लाने का आरोप लगाया. उन्होंने सवाल किया कि सरकार महिलाओं का आरक्षण बिल क्यों नहीं लाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दलित और पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है.

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