बिहार के गयाजी में मकान नंबर-6 में 947 वोटर,वोट चोरी या BLO की गलती?

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सिटी पोस्ट लाइव : राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के बीच ‘बिहार में चुनाव आयोग का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है.विपक्ष इसे वोट चोरी का जबरदस्त सबूत बता रहा है. पूरे बूथ के 947 वोट एक ही घर में दिखाये गये हैं. बोधगया के बाराचट्टी विधानसभा के निदानी गांव के बूथ नं. 161 पर एक ही घर के पते पर 947 वोटर के नाम दर्ज हैं.वोटर लिस्ट में 947 वोटर एक ही मकान नंबर 6 में रहते हैं. निदानी में सैकड़ों घर और परिवार हैं, लेकिन voter list में पूरा गांव एक काल्पनिक मकान में दिखा दिया गया है.

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फतेहपुर ब्लॉक के पहाड़पुर गांव के मकान नंबर 1 में 896 लोग रह रहे हैं. यह दावा वोटर लिस्ट में दर्ज नाम और उनके मकान नंबर के आधार पर किया गया.निदानी गांव की आबादी करीब 2500 है. यह गांव मोहनपुर ब्लॉक में आता है. 947 वोटर वाला घर वार्ड नंबर 11 में है. गाँव के लोगों का कहना है कि यहां किसी घर में 10-12 से ज्यादा लोग नहीं हैं. 947 लोग तो हमारे पूरे टोले में नहीं होंगे.’गाँव के लोगों का कहना है कि उन्होंने ‘जब से होश संभाला है और वोटर लिस्ट में नाम देखा है, तब से मकान नंबर 6 ही लिखा है.’

947 वोटर का मकान नंबर 6 कैसे हो गया है, ये गलती किस लेबल पर हुई और इसे अब तक क्यों नहीं सुधारा गया, बूथ लेबल ऑफिसर (BLO) अरुण कुमार का कहना है कि वो अभी इस गांव के BLO बने हैं.उनकी तरफ से कोई गलती नहीं हुई.उनके BLO बनने से पहले से गांव के सभी लोगों का मकान नंबर 6 ही था. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR में मकान नंबर डालने का ऑप्शन नहीं था. इसे सुधारने के लिए कई बार ब्लॉक लेवल की मीटिंग में अफसरों से कहा, लेकिन यह सही नहीं हुआ.‘अधिकारियों को बताया तो बोले- अपना काम करो’.

निदानी गांव से पहाड़पुर करीब 20 किमी दूर है. ये गांव फतेहपुर ब्लॉक में है. वोटर लिस्ट के मुताबिक, इस गांव के 896 लोग मकान नंबर एक में रहते है.गांव के BLO अरविंद कुमार के अनुसार ये काफी पहले से चलता आ रहा है. कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट कर दावा किया था कि कटिहार के बिनोदपुर में मकान नंबर 82 में 197 वोटर रजिस्टर्ड हैं, जबकि ये मकान बंद रहता है.ये घर शारदा देवी का है. उनका परिवार हर साल यहां पूजा कराने आता है. गांववालों के मुताबिक, कांग्रेस की एक टीम भी इसकी जांच करने आई थी.लेकिन कटिहार के डीएम मनेश कुमार मीणा के अनुसार बिनोदपुर के मकान नंबर 82 में 197 वोटर होने की बात गलत है. वोटर लिस्ट में लिखा मकान नंबर नोशनल हाउस नंबर होता है. ये काल्पनिक नंबर होता है. सही एड्रेस वोटर के एपिक कार्ड पर होता है.’197 वोटर या इस तरह के आंकड़े भ्रम फैलाने के लिए पेश किए जा रहे हैं. बूथ लेवल ऑफिसर सभी वोटर का वेरिफिकेशन करते हैं. डॉक्यूमेंट की जांच के बाद ही उनका नाम लिस्ट में शामिल होता है.

बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल के अनुसार ‘बिहार में किसी घर का मकान नंबर नहीं रहता है.‘वोटर लिस्ट में दर्ज मकान नंबर नोशनल हाउस नंबर हैं. यह नंबर तब दिया जाता है, जब किसी वोटर का मकान नंबर नहीं होता. कई गांवों, झुग्गियों या अस्थायी बस्तियों में घरों पर स्थायी मकान नंबर नहीं होते. ऐसे में BLO वहां जाते हैं और हर घर को खुद से एक नंबर जैसे 1, 2, 3 दे देते हैं. यह नंबर सिर्फ लिस्ट बनाने में सुविधा और मतदाताओं को सही क्रम में दर्ज करने के लिए दिया जाता है.

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