Bihar Chunav 2025
सिटी पोस्ट लाइव : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले भोजपुरी स्टार पवन सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह की दिल्ली में मुलाकात हुई. इस मुलाकात की जानकारी पवन सिंह ने स्वयं सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए दी. उन्होने अपने पोस्ट में लिखा, एक नई सोच के साथ एक नई मुलाकात! सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच बंद कमरे में 5 मिनट की विशेष बातचीत हुई और इसमें दोनों के बीच की गलतफहमी दूर हो गई. मुलाकात के बाद आरके सिंह ने कहा कि पवन सिंह की विशेष गलती हम नहीं मानते.
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पवन सिंह को पश्चिम बंगाल के आसनसोल से टिकट दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया. इसके बाद उन्होंने काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ा और उपेंद्र कुशवाहा को कड़ी टक्कर दी, जिससे एनडीए को नुकसान हुआ. आरके सिंह ने कहा, पवन के कारण न सिर्फ मेरी सीट, बल्कि आसपास की कई सीटों पर असर पड़ा, क्योंकि उनकी भोजपुरी बेल्ट में जबरदस्त फॉलोइंग है. बीजेपी ने पहले उनका टिकट काटा, फिर कहीं और से देने की बात हुई, लेकिन नहीं दिया गया. इससे उनके दिल में तकलीफ होना स्वाभाविक था.
पवन सिंह की भोजपुरी सिनेमा में लोकप्रियता है और बिहार के शाहाबाद क्षेत्र में युवाओं और राजपूत समुदाय में गहरी पैठ रखते हैं. 2024 में काराकाट में उनकी हार के बावजूद उन्होंने लाखों वोट हासिल किए. जानकारों का मानना है कि उनकी सियासी सक्रियता बीजेपी और महागठबंधन दोनों के लिए चुनौती बन सकती है. वहीं, खबर यह भी है कि पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह भी काराकाट से विधानसभा चुनाव की तैयारी में हैं.
पवन सिंह को 2024 में बीजेपी से निष्कासित किया गया था, लेकिन उनकी हालिया सक्रियता और बीजेपी नेताओं से मुलाकातें उनकी वापसी की अटकलों को हवा दे रही हैं. बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, जो हमारी विचारधारा के साथ काम करेगा उस पर विचार करेंगे. यह मुलाकात बिहार की सियासत में नए समीकरण बना सकती है, खासकर भोजपुरी बेल्ट में इसका असर दिखेगा. जानकार यह भी सवाल उठा रहे हैं कि आरके सिंह से उनकी यह मुलाकात क्या पवन सिंह की बीजेपी में उनकी वापसी का संकेत है?