बेबस और लाचार मेयर सीता साहू ने लिखा PM मोदी को पत्र,लगाईं रक्षा करने की गुहार.

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : अपनी सरकार होने के वावजूद पटना मेयर सीता साहू अपने परिवार और बेटे के साथ पुलिस गुंडागर्दी का आरोप लगा रही हैं.सबसे बड़ा सवाल अगर सीता साहू को लगता है कि पुलिस उनके साथ ज्यादती कर रही है तो उन्होंने राज्य सरकार या फिर नीतीश कुमार को पत्र लिखने की बजाय पीएम मोदी से क्यों पत्र लिखकर गुहार लगाईं.पटना नगर निगम की बोर्ड बैठक में हुए हंगामे और अपने बेटे शिशिर कुमार पर कार्रवाई के बाद अब मेयर सीता साहू ने PM मोदी को पत्र लिखा है.उन्होंने पत्र लिखकर शिकायत की है कि पुलिस द्वारा उनके और उनके परिवार के खिलाफ “अनुचित और अवैध कार्रवाई” की जा रही है.उन्होंने इसकी जांच और बोर्ड बैठक में घटित घटनाओं की जांच करने की गुहार लगाई है.

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मेयर ने मांग की है कि किन अधिकारियों के निर्देश पर उनके आवास पर बिना वारंट छापा मारा गया. उन्होंने सवाल उठाया कि बिना वारंट पुलिस उनके घर कैसे पहुंची ? यह छापेमारी राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकती है और इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. उन्होंने नगर आयुक्त से स्पष्टीकरण लेने की मांग की है. मेयर ने लिखा कि नगर निगम की बोर्ड बैठक में 80% पार्षद उपस्थित थे और बहुमत से प्रस्ताव पारित हुए थे, फिर भी नगर आयुक्त ने बैठक का बहिष्कार क्यों किया? मेयर सीता साहू के बेटे शिशिर कुमार की ओर से निगम के आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर को 5 करोड़ रुपए की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा गया है. इसमें कहा गया है कि 11 जुलाई को होटल पनाश में आयोजित नगर निगम की बैठक के दौरान शिशिर कुमार को ‘अपराधी’ बता कर मीडिया में बयान दिया गया, जिससे उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है.

नोटिस के अनुसार वीडियो में आयुक्त ने कहा कि ‘अपराधी हथियारों के साथ बैठक में घुस आया’. इसके साथ ही एक अन्य चैनल पर आयुक्त का बयान ‘नगर निगम में सफाई का काम चलता रहेगा..’ को भी अपमानजनक बताया गया है. सात दिनों में सार्वजनिक माफी माँगने की मांग की है.गौरतलब है कि 11 जुलाई को पटना नगर निगम की बैठक के दौरान हंगामा हुआ था. कई वार्ड पार्षदों ने आरोप लगाया कि मेयर के बेटे शिशिर कुमार ने बैठक में शामिल होकर गाली-गलौज और मारपीट की. उन्होंने आरोप लगाया कि शिशिर को बैठक में आने का कोई अधिकार नहीं था, बावजूद इसके वो बॉडीगार्ड के साथ हथियार लेकर पहुंचे. पार्षदों ने इस संबंध में गांधी मैदान थाने में केस भी दर्ज कराया है.

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