सिटी पोस्ट लाइव : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए और महागठबंधन के बीच आमने-सामने की लड़ाई है. दोनों गठबंधन में सीटों का पेच सुलझाने के लिए पटना से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर शुरू हो चुका है.हाल ही में दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक में जिला इकाई ने भागलपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में से चार पर दावेदारी पेश कर दी है.कांग्रेस जिलाध्यक्ष परवेज जमाल के अनुसार भागलपुर विधानसभा की अपनी सीटिंग सीट के अलावा सुल्तानगंज और कहलगांव विधानसभा सीट पर कांग्रेस का दावा बनता है.यहाँ से कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड़ते रहे हैं.यह दोनों सीटें पार्टी की प्राथमिकता में शामिल हैं. अब कांग्रेस ने नवगछिया अनुमंडल के बिहपुर व गोपालपुर विधानसभा में से किसी एक पर दावा जता दिया है.
पार्टी नेताओं का कहना है कि इन इलाकों में अल्पसंख्यक मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या है. जिससे कांग्रेस उम्मीदवार को लाभ मिल सकता है.कांग्रेस ने माई बहिन योजना के तहत महिलाओं के लिए 2,500 रुपये प्रति माह आर्थिक मदद देने का वादा किया है. इस योजना के लिए पार्टी गांव-गांव शिविर लगाकर महिलाओं का रजिस्ट्रेशन कर रही है.20 दिनों में ही 30 हजार से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं. कांग्रेस के नेता इस योजना को पार्टी का मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं.
उधर, एनडीए सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों के लिए मासिक सहायता राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये करने की घोषणा की है.इतना ही नहीं नीतीश सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे के 94 लाख परिवारों को 2-2 लाख रूपये देने का फैसला ले लिया है. दोनों गठबंधनों की इस कवायद से साफ है कि चुनाव में सामाजिक योजनाएं और आर्थिक मदद बड़े मुद्दे बनेंगी.
सीट बंटवारे पर महागठबंधन में सहमति बनती है या नहीं ये तो समय बतायेगा फिलवक्त घटक दलों के बीच सीटों पर चल रही खींचतान दिलचस्प बन गई है. कांग्रेस की आक्रमक राजनीति से राजद भी सतर्क हो गई है.इधर, युवा राजद के पूर्व प्रदेश महासचिव प्रो. आनंद आजाद ने कहा कि सीटों के बंटवारा पर अंतिम निर्णय गठबंधन दलों के शीर्ष नेता ही लेंगे. बिहपुर और गोपालपुर आरजेडी की परंपरागत सीट रही है. इस कारण दोनों सीट पर आरजेडी के ही उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे, इसको लेकर कोई संशय नहीं है.