भोजपुर में गंगा ने मचाई तबाही, मदद करने पहुंचे मंत्री बीच रास्ते से भागे, भड़का लोगों का आक्रोश.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता भोजपुर जिले के जवइनिया गांव में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे थे.लेकिन घुटने भर पानी देख कर ही मंत्री जी दहशत में आ गये.उन्होंने आगे जाने से इनकार कर दिया. केदार प्रसाद गुप्ता भोजपुर जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं. जवइनिया गांव के लोग अपने घर छोड़कर तटबंधों पर रह रहे हैं.मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता भाजपा के नेताओं, एसपी और डीएम के साथ मंत्री जवइनिया की ओर बढ़े, लेकिन किसी ने उन्हें बता दिया कि आगे जाने में खतरा है, सड़क पर पानी बह रहा है. इसके बाद मंत्री जवइनिया गांव से 5.5 किलोमीटर पहले गौरा बाजार में रुक गए. यहीं डीएम को जरूरी दिशा निर्देश दिया और कहा कि पीड़ितों को हर हाल में सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए.इसके बाद मंत्री ने साथ में मौजूद पूर्व विधायक मुन्नी देवी के पति को पीड़ितों से मुलाकात करने की जिम्मेदारी सौंपी और खुद वापस लौट गए. मंत्री के लौटने के बाद स्थानीय लोगों ने कहा कि, ‘मंत्री डेढ़ से दो फीट पानी देखकर ही डर गए और भाग गए. सोचिए, हम लोग या फिर जो पीड़ित हैं, वे कैसे रह रहे हैं.

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जवइनिया गांव में पिछले 15 से 20 दिनों से कटाव हो रहा है. 650 से ज्यादा घर गंगा के कटाव के कारण पानी में समा चुके हैं. एक तरफ घर का हिस्सा धीरे-धीरे गंगा में बह रहा है , दूसरी तरफ मकान मालिक पूजा कर रहे हैं.घर के गंगा को सौंपने के लिए आंगन में पूजा-अर्चना करते नजर आ रहे हैं.प्रभावित लोग एक किलोमीटर दूर बांध पर अस्थायी रूप से तंबू बनाकर रह रहे हैं. तंबू में रह रहे लोगों के मुताबिक, अब तक सरकार का कोई भी नेता हम लोगों का हाल जानने नहीं आया. आज पता चला था कि मंत्रीजी आने वाले हैं, लेकिन वे डेढ़ फीट पानी देखकर ही डर गए.जवइनिया गांव के लोगों का कहना है कि, मंत्री जी घुटना भर पानी देखकर डर गए.मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता सोमवार को बाढ़ के बाद कटाव से जूझ रहे भोजपुर के शाहपुर विधानसभा के जवइनिया गांव में पीड़ितों से मुलाकात करने गए थे.

मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के जाने के करीब 90 मिनट बाद भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह जवइनिया गांव के पीड़ितों से मिलने के लिए लखनऊ से भोजपुर पहुँच गये.गौरा बाजार पहुंचते ही पवन सिंह के आने की जानकारी के बाद उनके फैंस ने हजारों की संख्या में उनकी गाड़ी को घेर लिया.पवन सिंह के फैंस उनसे ऑटोग्राफ, सेल्फी लेने की डिमांड करने लगे. इसके बाद भीड़ देखकर पवन सिंह की टीम ने गौरा बाजार के आगे जवइनिया गांव जाने से इनकार कर दिया.पवन सिंह को प्रशासन की ओर से जवइनिया गांव जाने से मना किया गया था. कहा गया था कि भीड़ जुट सकती है, नदी भी उफान पर है, प्रशासन की ओर से आपको सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा सकती है.इसके बावजूद पवन सिंह सोमवार शाम चार बजकर 22 मिनट पर गौरा बाजार पहुंचे, लेकिन भीड़ की वजह से आगे नहीं जा सके. करीब 30 मिनट तक भीड़ से घिरे रहने के बाद पवन सिंह गाड़ी से आरा की ओर वापस रवाना हो गये.पवन सिंह वापस हो गए, लेकिन उनके साथ पीड़ितों के लिए लाए गए राहत सामाग्री को जवइनिया गांव के लोगों के हवाले कर दिया गया.

मंत्री केदार प्रसाद के जाते ही गांव वाले भड़क गए. उन्होंने कहा कि मंत्री आए तो थे, ग्रामीणों से मिलने के लिए लेकिन मंत्री जी पानी देखकर घबरा गए. लोग बांध पर उनका इंतजार कर रहे थे, बोल रहे थे कि मंत्री जी से अपना दुख बांटेंगे. मंत्री जी आएंगे तो वे खुद देखेंगे कि हमारी क्या हालत है, किस हाल में रह रहे हैं, लेकिन ये तो घुटने तक पानी देखकर डर गए. मंत्री को घुटने भर पानी में जाने से डर लग रहा है. देखकर तो यही लगा कि मंत्रीजी को आम जनता से कोई मतलब नहीं है.

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