सिटी पोस्ट लाइव
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने ट्विटर (अब X) पर एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। वीडियो में दो अलग-अलग घटनाओं का हवाला देते हुए बिहार पुलिस पर भ्रष्टाचार और बर्बरता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सीसीटीवी ने बचाई जान
वीडियो में पहली घटना मुजफ्फरपुर की बताई गई है, जहां एक युवक को झूठे शराबबंदी कानून के तहत फंसाने की कोशिश की गई। आरोप है कि पुलिस ने युवक की गाड़ी में शराब की बोतलें खुद डाल दीं, ताकि उसे गिरफ्तार किया जा सके। लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद युवक बेगुनाह साबित हो गया और जेल जाने से बच गया।

बुलेट सवार से बदला: थाने में पिटाई और अपमान
बिहार के शेखपुरा जिले में मेहूस थाना प्रभारी प्रवीण चंद्र दिवाकर पर एक ऑटो चालक की बेरहमी से पिटाई का गंभीर आरोप लगा है। घटना 30 जून 2025 की है, जब मेहूस गांव निवासी ऑटो चालक प्रद्युम्न कुमार घर लौट रहा था। बारिश के दौरान साइड नहीं देने पर नाराज थानाध्यक्ष ने पहले उसे सड़क पर पीटा और फिर थाने ले जाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। पीड़ित का आरोप है कि उसकी जाति पूछी गई और ब्राह्मण होने पर दारोगा ने उससे नफरत जताते हुए थूक चटवाया। प्रद्युम्न कुमार ने आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी की मांग की है।
राजद ने इन दोनों घटनाओं का वीडियो साझा कर नीतीश कुमार से तीखे सवाल पूछे हैं। पार्टी ने कहा क्या इस सरकार की पुलिस निर्दोषों को झूठे शराब के केस में फंसाकर जेल भेजती है?” वीडियो में दावा किया गया है कि भाजपा-जदयू की सरकार में पुलिस बेलगाम हो चुकी है और आम जनता पर अत्याचार कर रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
राजद द्वारा साझा किया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसने नीतीश सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी और पुलिस की मनमानी का उदाहरण बता रहा है।