सिटी पोस्ट लाइव : बिहार के जेलों से मोबाइल के जरिये गैंग ऑपरेट करने की कहानी तो जंगल राज की पुरानी कहानी हो गई.अब सुशासन की जेल के जेलर ही हत्याकांड जैसे वारदात को अंजाम देनेवाले अपराधी बन गये हैं.ये सनसनीखेज दावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे एक पत्र में किया गया है.आय के ज्ञात स्रोतों से 146 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विगत 22 जनवरी को निलंबित पटना बेऊर जेल के पूर्व सुपरिटेंडेंट विधु कुमार पर हत्या करने का आरोप लगा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महानिदेशक बिहार समेत मानवाधिकार आयोग,चीफ़ जस्टिस पटना हाईकोर्ट को भेजे गये पत्र में ये सनसनीखेज खुलासा किया गया है.
हत्या भी किसी मामूली आदमी की नहीं बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फुफेरे भाई कामेश्वर बाबू की हत्या का आरोप है. आवेदन में विषय के तौर पर लिखा गया है कि बेऊर जेल के अधीक्षक के द्वारा बंदियों से ही बंदियों का शोषण एवं मानसिक उत्पीड़न कराकर अवैध उगाही कराने के संबंध में. लेकिन इस पत्र के दूसरे पैराग्राफ में बेहद विस्फोटक खुलासे और दावे किए गए है.पत्र का मजमून इस प्रकार है-“माननीय नीतीश बाबू बेऊर जेल अधीक्षक विधु कुमार के संबंध में आपको अवगत कराना चाहते हैं कि स्व . श्री कामेश्वर बाबू की हत्या रेलवे पूल का रंगदारी मांगने में नहीं देने पर की दिया गया था. उस हत्या में शिवजी सिंह उर्फ़ धुँआ बाबा का हाथ था , जिसमें मेन शूटर का काम जेल अधीक्षक विधु कुमार के द्वारा किया गया था तथा इनके साथ में सिसमाचक के अरविंद सिंह थे. वहां से कांड करने के बाद सभी लोग करनौती गांव विधु कुमार के ननिहाल में आकर सभी रुके हुए थे.
आगे पत्र में लिखा है –“फिर शाम को मारुति कार से निकले थे. जिसमे अठमलगोला पुलिस पकड़ लिया,उसके बाद विधु कुमार एवं अरविंद कुमार किसी भी प्रकार पुलिस को चकमा देकर भागते हुए पटना रोड नंबर- 3, गर्दनीबाग में शरण लेने हेतु गए, जहां अरविंद सिंह को पुलिस इनकाउंटर कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति भागने में सफल रहे थे.। वह व्यक्ति विधु कुमार ही है जो भागकर दिल्ली में छुपे हुए थे”.
पत्र में दावा किया गया है “माननीय नीतीश बाबू ये सारी सूचनाएं किसी द्वेष की भावना से नहीं दी जा रहीं है बल्कि ये सारी बातें एक दम वास्तविक है कि आपके फुफेरे भाई कामेश्वर बाबू की हत्या इसी बेऊर जेल अधीक्षक विधु कुमार के द्वारा किया गया है. पत्र के प्रेषक के तौर पर बेऊर जेल के समस्त बंदियों उल्लेख किया गया है.कारा अधीक्षक विधु कुमार पर लगे आरोप की जांच के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय ने अपर मुख्य सचिव गृह विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहां है. जेल आईजी को भी कार्रवाई के लिए लिखा गया है.
छह महीने पहले ही बिहार कारा सेवा के अधिकारी डॉ. विधु कुमार की पटना के बेऊर केंद्रीय कारागार में पदस्थापना हुई थी. बेऊर जेल अधीक्षक बनने से पहले विधु कुमार पूर्णिया, मधुबनी और कटिहार जेल में भी अधीक्षक के पद पर रह चुके हैं. उस दौरान भी उन पर कई गंभीर आरोप लगे थे. सिटी पोस्ट ने निलंबित जेल अधीक्षक से समपर्क की कोशिश की लेकिन वो नहीं मिले.उनका phone भी स्विच ऑफ आ रहा है.