30 साल पुराना इतिहास खत्म! तेजस्वी यादव ने अचानक क्यों बदला ‘छात्र राजद’ का नाम? वजह कर देगी हैरान!..

Ritu Raj

बिहार में सत्ता के समीकरणों पर चल रही चर्चाओं के बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने छात्र विंग को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने करीब तीन दशकों से चले आ रहे संगठन ‘छात्र राजद’ का नाम बदलकर अब ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (SSAI) कर दिया है।

बदलाव के पीछे के मुख्य कारण;
इस बड़े हृदय परिवर्तन और नाम बदलने के पीछे रणनीतिक और कानूनी दोनों कारण बताए जा रहे हैं। वर्ष 2006 में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, छात्र संगठनों का नाम सीधे किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं होना चाहिए। इसी कानूनी पेच से बचने के लिए नाम में से ‘राजद’ हटाकर इसे ‘सोशलिस्ट’ पहचान दी गई है। वहीं, जिस तरह भाजपा के पास ABVP, माले के पास AISA और वामपंथ के पास SFI जैसे स्वतंत्र नाम वाले संगठन हैं, राजद भी अब कैंपस राजनीति में एक न्यूट्रल और प्रभावशाली ब्रांड नेम के साथ उतरना चाहता है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बदलाव के जरिए तेजस्वी यादव छात्र राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। पहले इस विंग पर तेज प्रताप यादव का प्रभाव देखा जाता था, लेकिन अब SSAI सीधे तेजस्वी के नेतृत्व में एक नए ढांचे के साथ काम करेगी।

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क्या होगा राजनीति पर असर?
राजद का लक्ष्य अब केवल बिहार के कॉलेजों तक सीमित रहना नहीं है। SSAI के माध्यम से पार्टी उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों के विश्वविद्यालयों में भी अपनी वैचारिक पैठ बनाना चाहती है। तेजस्वी यादव का यह कदम दर्शाता है कि वे राजद को एक पुराने क्षेत्रीय दल की छवि से निकालकर आधुनिक और राष्ट्रीय स्तर की संगठनात्मक संरचना में ढालना चाहते हैं। नाम और लोगो का यह बदलाव केवल दिखावा नहीं, बल्कि कैंपस पॉलिटिक्स में एक ‘ब्रांड’ स्थापित करने की कोशिश है।

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