हादसा या सियासी साजिश? बारामती क्रैश से पहले आसमान में गोल-गोल क्यों घूम रहा था अजित पवार का विमान?…

Ritu Raj

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार की सुबह हुई चार्टर्ड प्लेन दुर्घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार सहित विमान में सवार सभी 6 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर हादसे की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

क्या हुआ था आखिरी पलों में?
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, विमान क्रैश होने से पहले आसमान में असामान्य तरीके से चक्कर काट रहा था। रडार डेटा और ‘हरे रंग की ट्राजेक्टोरी लाइन’ से संकेत मिलते हैं कि विमान रनवे पर उतरने की पहली कोशिश में सफल नहीं हो पाया था।
Aborted Approach: पायलटों ने पहली बार लैंडिंग का प्रयास रद्द किया था।
The Loop: विमान ने रनवे के साथ अलाइन होने के लिए आसमान में एक बड़ा ‘आर्क’ (Arc) बनाया, जो यह दर्शाता है कि पायलट दूसरी कोशिश के लिए विमान को सही दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रहे थे।

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हादसे के संभावित तकनीकी कारण;
विशेषज्ञों का मानना है कि बारामती जैसे छोटे एयरस्ट्रिप पर ILS (Instrument Landing System) की अनुपलब्धता एक बड़ी चुनौती होती है।
विजुअल अलाइनमेंट की कमी: ILS न होने के कारण पायलटों को पूरी तरह अपनी आंखों (Visual Judgment) पर निर्भर रहना पड़ता है। संभव है कि तेज हवा या कम दृश्यता के कारण विमान सही एंगल पर न आ पाया हो।
विंड शियर (Wind Shear): हवा के रुख में अचानक बदलाव विमान के संतुलन को बिगाड़ सकता है, खासकर तब जब विमान दूसरी बार लैंडिंग की तैयारी में हो।
मैन्युअल अलाइनमेंट: तकनीकी भाषा में, पायलट ‘लोकलइज़र’ और ‘ग्लाइड स्लोप’ की रेडियो गाइडेंस के बिना विमान को सेट करने की कोशिश कर रहे थे, जो जोखिम भरा हो सकता है।

साजिश के दावों पर विराम;
शुरुआती घंटों में इस हादसे के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई गई थी, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और तकनीकी विशेषज्ञों की प्राथमिक जांच ने इसे प्योर एक्सीडेंट (Pure Accident) करार दिया है। विमान का बार-बार घूमना और लैंडिंग का दूसरा प्रयास करना किसी बाहरी हस्तक्षेप के बजाय तकनीकी संघर्ष की ओर इशारा करता है।

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