बिहार में ‘नीतीश युग’ के बाद अब ‘भाजपा राज’: रामनवमी तक शपथ ले सकते हैं नए CM,जानें नई कैबिनेट में जदयू-लोजपा का क्या होगा हिस्सा…

Ritu Raj

बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है।

सत्ता परिवर्तन का संभावित टाइमलाइन;
16 मार्च: राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी।
9 अप्रैल: नए सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह।
26 मार्च (रामनवमी): भाजपा सूत्रों के अनुसार, इस शुभ अवसर तक नई सरकार का गठन किया जा सकता है।

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सत्ता का नया समीकरण;
पहली बार बिहार में समीकरण पूरी तरह से पलटने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि बिहार को पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा। वहीं, जदयू (JDU) कोटे से दो नेताओं को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि, नई सरकार में मंत्रियों की संख्या 32 तक हो सकती है, जिसमें भाजपा और जदयू के 14-14 मंत्री, लोजपा (R) के 2 और RLM-HAM के 1-1 मंत्री शामिल होने की संभावना है।

इन पदों पर फंसा है पेंच;

पदजदयू (JDU) का पक्षभाजपा (BJP) का पक्ष
गृह विभागजदयू इसे वापस पाना चाहता है क्योंकि पारंपरिक रूप से यह सीएम (जो पहले जदयू के थे) के पास रहता था।सम्राट चौधरी के पास पहली बार यह विभाग आया है, भाजपा इसे छोड़ने को तैयार नहीं है।
स्पीकर पदसरकार में संतुलन के लिए जदयू इस पद पर अपनी दावेदारी कर रहा है।सरकार की स्थिरता और संख्या बल को देखते हुए भाजपा इस अहम पद को अपने पास रखना चाहती है।

अगला कदम क्या होगा?
इस्तीफे और शपथ ग्रहण से पहले दोनों पार्टियां एक तय प्रक्रिया से गुजरेंगी। भाजपा और जदयू अपने-अपने विधायक दल की बैठक बुलाएंगी। दोनों दल अपने अलग-अलग नेता चुनेंगे, जिसके बाद NDA विधायक दल के नेता का चुनाव होगा। अंत में नीतीश कुमार अपना इस्तीफा सौंपेंगे और नए नेता सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

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