पुलिस ने रोका, तो भड़के अजय राय, कहा- क्या मैं अराजकता फैलाता हूं?

संभल हिंसा पर राजनीति तेज़

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

लखनऊ : संभल हिंसा पर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को संभल जाने वाला था, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर अजय राय ने प्रशासन पर कई सवाल उठाए और कहा कि क्या उनके जाने से अराजकता फैल सकती है?

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कांग्रेस विधायक अराधना मिश्रा ने बताया कि उन्हें 24 नवंबर को हुई पथराव की घटना के बाद संभल जाने से रोका गया। पुलिस ने अजय राय को नोटिस देकर वहां जाने से मना किया। इसके जवाब में अजय राय ने कहा, “क्या मेरे वहां जाने से अराजकता फैल जाएगी? मुझे नोटिस मिला है जिसमें कहा गया है कि मेरा वहां जाना अराजकता का कारण बनेगा। लेकिन, हम शांति चाहते हैं, हम अराजकता नहीं चाहते।”

इससे पहले रविवार को हिंसा की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग की टीम जामा मस्जिद पहुंची, जिसमें हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज डीके अरोड़ा और यूपी के पूर्व डीजीपी अरविंद कुमार जैन शामिल थे। जैन ने कहा कि जांच दो महीने तक चलेगी और हम मामले की पूरी तह तक जाएंगे।

संभल में अत्याचार और अन्याय हुआ है: अजय राय

सोमवार सुबह अजय राय ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा, “हमने तय किया था कि हम गांधीवादी तरीके से पार्टी कार्यालय में एकत्रित होंगे। हमारी कोशिश सुबह 10:30 बजे तक वहां जाने की है। प्रशासन हमें रोकने की कोशिश करेगा, लेकिन हमारा काम है वहां जाना और हम वहां जाएंगे। हमारा उद्देश्य सिर्फ यही है कि जो अत्याचार और अन्याय वहां हुआ है, उसकी सच्चाई सामने लाएं। संभल में लोगों को मारा गया, उनके सिर में गोली मारी गई, और सरकार इन घटनाओं से डर रही है। हम इनकी सच्चाई को सामने लाना चाहते हैं।”

स्थानीय अदालत ने मस्जिद के सर्वे का दिया था आदेश

19 नवंबर को स्थानीय अदालत ने जामा मस्जिद का सर्वे करने का आदेश दिया था, जिसके बाद संभल में तनाव फैल गया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, और शीर्ष अदालत ने निचली अदालत को निर्देश दिया है कि मामले में कोई भी कदम उठाने से पहले वे अपनी स्थिति स्पष्ट करें। इस सर्वे के आदेश को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई थीं, जिसमें चार लोग मारे गए थे।

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