चुनाव से पहले अपने लिए नीतीश के मंत्री ने खोज ली नौकरी, बने असिस्टेंट प्रोफेसर.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी  अब असिस्टेंट प्रोफेसर होंगे.56 वर्षीय अशोक कुमार चौधरी अब बच्चों पढ़ाते नजर आयेगें. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में उनका चयन हो चूका है. BSUSC ने राजनीतिक विज्ञान विभाग में 280 रिक्तियों के लिए विज्ञापन दिया था, जिनमें से 274 उम्मीदवार चुने गए हैं.अशोक कुमार चौधरी भी उनमें से एक हैं.

चयन शैक्षणिक प्रदर्शन, शिक्षण अनुभव, प्रकाशित कार्यों और साक्षात्कार के आधार पर किया गया था. चौधरी ने अनुसूचित जाति श्रेणी में सफलता प्राप्त की है.1 जनवरी 2020 तक सभी श्रेणियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष थी.BSUSC ने कुल 4,638 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था. यह भर्ती कई विषयों के लिए थी. कॉलेजों का आवंटन बाद में किया जाएगा.

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सीएम नीतीश के बेहद करीब माने जाने वाले अशोक कुमार चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा था, ‘उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद, मेरी इच्छा है कि मैं एक शिक्षाविद बनूं, भले ही मैं राजनीति में बना रहूं.’ परिवार के लोगों का कहना है कि अशोक चौधरी यह पद स्वीकार करेंगे और फिर अपने राजनीतिक करियर को जारी रखने के लिए छुट्टी लेंगे.


अशोक कुमार चौधरी नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के तीन प्रमुख मंत्रियों में से एक हैं. अशोक कुमार चौधरी ग्रामीण कार्य मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में चुने जाने पर अशोक चौधरी ने कहा था कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनकी इच्छा है कि वे राजनीति में रहते हुए एक शिक्षक भी बनें. परिवार का कहना है कि वे जल्द ही कॉलेज में पढ़ाना शुरू कर सकते हैं और बाद में राजनीति के लिए ब्रेक ले सकते हैं.

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