समाजवादी पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को अपने 20 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की है, जिसमें पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के दोनों चाचाओं, रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव का नाम शामिल नहीं है। इस लिस्ट में अखिलेश यादव और किरणमय नंदा के बाद तीसरे नंबर पर आजम खान का नाम है, जबकि अखिलेश के भतीजे तेज प्रताप यादव भी इस सूची में शामिल हैं। दिलचस्प यह है कि समाजवादी पार्टी बिहार चुनाव नहीं लड़ रही है, लेकिन उसने INDI गठबंधन को समर्थन देने का फैसला किया है और सपा के स्टार प्रचारक बिहार में गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। अखिलेश यादव 25 अक्टूबर से बिहार का दौरा शुरू करने जा रहे हैं।
बिहार की राजनीति में जातिगत समीकरण को अहम माना जाता है, और इस बार समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी स्टार प्रचारकों की सूची में विभिन्न जातिगत समूहों को संतुलित तरीके से प्रतिनिधित्व दिया है। पार्टी ने दलित समुदाय को मजबूत करने के लिए अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद और जौनपुर की मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज को सूची में शामिल किया है, जिससे सपा का दलित वोटबैंक मजबूत करने की कोशिश नजर आ रही है। वहीं, पिछड़े समाज से जुड़े नेताओं में बाबू सिंह कुशवाहा, नरेश उत्तम पटेल, रमाशंकर विद्यार्थी राजभर, लाल जी वर्मा, छोटे लाल खरवार और पप्पू निषाद को स्टार प्रचारक के रूप में शामिल किया गया है। इसके साथ ही भूमिहार समाज के प्रतिनिधि के तौर पर राजीव राय को सूची में जगह दी गई है, वहीं ब्राह्मण समाज को संतुलित करने के लिए सनातन पांडेय को स्थान दिया गया है। ठाकुरों के प्रभावी नेता गाजीपुर से विधायक ओम प्रकाश सिंह को भी स्टार प्रचारक बनाया गया है। जबकि मुस्लिम समुदाय को ध्यान में रखते हुए, समाजवादी पार्टी ने आजम खान के साथ अफजाल अंसारी और इकरा हसन का नाम भी शामिल किया है। हालांकि, इस सूची से यह साफ होता है कि सपा ने बिहार चुनाव में जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपनी प्रचारक टीम का गठन किया है, ताकि हर समुदाय से समर्थन प्राप्त किया जा सके और INDI गठबंधन के लिए राज्य में मजबूती से प्रचार किया जा सके।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को राजस्थान के किशनगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने मार्बल उद्योग का दौरा किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन की सफलता की शुभकामनाएं दी है। उम्मीद जताई कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है, और वह ‘इंडिया’ गठबंधन और तेजस्वी यादव को एक मौका देगी। भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि, “यह ‘डबल इंजन’ की सरकार नहीं, बल्कि ‘झूठ का इंजन’ है। वे जो भी वादे किए, वे सभी झूठे साबित हुए हैं।” उनका यह बयान भाजपा सरकार की नीतियों और वादों पर तीखा कटाक्ष था, जो चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है।