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बिहार के विकास को नई गति देने वाली आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम तेज़ी से चल रहा है। लगभग 189 किलोमीटर की लंबाई वाले इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से बिहार के सात जिलों के 19 शहरों को सीधा फायदा मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा के समय को कम करेगा बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
परियोजना का विवरण और उद्देश्य
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा भारतमाला परियोजना के तहत इस एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पटना, गया और दरभंगा जैसे प्रमुख शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है। यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड होगा, जिसका अर्थ है कि प्रवेश और निकास सीमित स्थानों से ही संभव होगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग पांच हजार करोड़ रुपये है, जिससे न सिर्फ परिवहन में सुधार होगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रमुख लाभ और कनेक्टिविटी
इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद, पटना से दरभंगा की दूरी मात्र 4 घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान में इस मार्ग पर यात्रा करने में काफी समय लगता है, खासकर शहरों के भीतर ट्रैफिक जाम के कारण। इस परियोजना से NH-2, NH-19, NH-57 और NH-27 जैसे प्रमुख आर्थिक गलियारों के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी।
यह एक्सप्रेसवे पटना, गया, औरंगाबाद, दरभंगा सहित सात जिलों के 19 शहरों को जोड़ेगा, जिससे लोगों के लिए आवागमन बेहद आसान हो जाएगा। इसके अलावा, दरभंगा हवाई अड्डे तक पहुंचना भी बहुत सुविधाजनक हो जाएगा, जिससे हवाई यात्रा करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
चार हिस्सों में निर्माण कार्य
एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चार मुख्य हिस्सों में बांटा गया है। इनमें से तीन हिस्सों का निर्माण मेधा कंस्ट्रक्शन द्वारा और एक हिस्से का निर्माण रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जाएगा। इस तरह से काम को तेज़ी से पूरा करने की योजना है।
परियोजना के तहत, आमस-औरंगाबाद NH-119D लहेरियासराय-बहेड़ी मुख्य सड़क पर बहादुरपुर प्रखंड के देकुली मोड़ से शहर को जोड़ेगा। इसके अलावा, एम्स के लिए एक फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रस्तावित है। NH-322 एकमी घाट के पास शहर को जोड़ते हुए शोभन के पास मुख्य एक्सप्रेसवे से मिलेगा, जबकि दरभंगा-बहेड़ी-रोसड़ा NH-527E भी NH-119D से जुड़ेगा। इन सभी सड़कों के आपस में जुड़ने से बिहार में परिवहन का एक मजबूत जाल स्थापित होगा।
यह एक्सप्रेसवे बिहार की विकास यात्रा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे न सिर्फ लोगों का जीवन आसान होगा बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि भी बढ़ेगी।