अमित शाह 25 फरवरी को आ सकते हैं बिहार, इंडो-नेपाल बॉर्डर के वाइब्रेंट विलेज का करेंगे निरीक्षण

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति में मचे घमासान के बीच देश के गृह मंत्री अमित शाह का आगामी 25 फरवरी को बिहार दौरा प्रस्तावित है। जानकारी के मुताबिक, शाह भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ‘वाइब्रेंट विलेज’ का निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों का जायजा लेंगे। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर एनडीए के भीतर आंतरिक खींचतान और चिराग पासवान के बयानों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।

चिराग पासवान का बड़ा फैसला: “मां नहीं लड़ेंगी चुनाव”
राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए चिराग पासवान ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मां रीना पासवान उम्मीदवार नहीं होंगी। चिराग ने पटना में कहा, “जब पिताजी के जीवित रहते हुए मां राज्यसभा नहीं गईं, तो अब उनके जाने का सवाल ही नहीं उठता।” हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी (LJP-R) का दावा पांचवीं सीट पर स्वाभाविक है, क्योंकि जदयू और भाजपा के दो-दो उम्मीदवारों के बाद सबसे बड़ा विधायक दल (19 विधायक) उन्हीं के पास है।

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राज्यसभा का गणित और ‘हनुमान’ का समझौता
राज्यसभा की पांचवीं सीट पर जीत के लिए 36 विधायकों के वोट की जरूरत है। एनडीए के पास वर्तमान में 33 अतिरिक्त विधायक (LJP-R: 19, BJP: 7, HAM: 5, JDU: 3) मौजूद हैं। यानी जीत के लिए केवल 3 वोटों की कमी है।

AIMIM का साथ: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ओवैसी की पार्टी (AIMIM) चिराग के उम्मीदवार का समर्थन कर सकती है, क्योंकि मुस्लिम राजनीति में चिराग के प्रति एक ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ रहा है।

बीजेपी की रणनीति: माना जा रहा है कि बीजेपी एनडीए में आपसी कलह रोकने के लिए खुद तीसरी सीट पर चुनाव लड़ सकती है। इसके बदले ‘हनुमान’ चिराग पासवान को एक एमएलसी सीट और सरकार में एक मंत्री पद देकर ‘एडजस्ट’ किया जा सकता है।

वाइब्रेंट विलेज और सीमा सुरक्षा
अमित शाह का 25 फरवरी का दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। भारत-नेपाल सीमा के गांवों को ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत विकसित किया जा रहा है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में पलायन रुके और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। अमित शाह का सीमावर्ती इलाकों का यह दौरा विरोधियों को कड़ा संदेश देने के साथ-साथ आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगा।

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