अरुण जेटली की 73वीं जयंती: अमित शाह और नीतीश कुमार समेत दिग्गज नेताओं ने किया याद

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
देश के पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता रहे दिवंगत अरुण जेटली की आज 73वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण के लिए अपरिहार्य बताया।

अमित शाह ने बताया ‘अद्वितीय कानूनी विशेषज्ञ’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अरुण जेटली को याद करते हुए लिखा कि वे एक उत्कृष्ट वक्ता और अद्वितीय संवैधानिक विशेषज्ञ थे। शाह ने कहा, “एक सांसद के रूप में जेटली जी ने अमिट छाप छोड़ी है। पार्टी को सशक्त बनाने में उनकी समर्पित भूमिका और उनकी तीक्ष्ण कानूनी सूझबूझ हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।” जेटली को उनके संकटमोचक अंदाज के लिए जाना जाता था, जिसे शाह ने अपनी श्रद्धांजलि में भी रेखांकित किया।

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सीएम नीतीश कुमार और अन्य नेताओं का नमन
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अरुण जेटली को सादर नमन किया। गौरतलब है कि जेटली के नीतीश कुमार के साथ बेहद मधुर संबंध थे और उन्होंने बिहार की राजनीति के कई महत्वपूर्ण मोड़ पर सेतु का काम किया था। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने वाला नेता बताया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित एक महान दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया।

एक कुशल संगठनकर्ता और प्रखर वक्ता
सांसद रवि किशन ने उन्हें एक महान चिंतक और प्रख्यात अधिवक्ता बताते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। अरुण जेटली का जन्म 28 दिसंबर 1952 को हुआ था। वे न केवल एक सफल वकील थे, बल्कि उन्होंने वित्त मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। जीएसटी (GST) जैसे बड़े आर्थिक सुधारों के पीछे उनका दिमाग सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

अरुण जेटली के निधन के बाद भी भाजपा और भारतीय राजनीति में उनकी कमी आज भी महसूस की जाती है। उनके तर्कपूर्ण भाषण और जटिल मुद्दों को सुलझाने की उनकी कला आज के युवा राजनेताओं के लिए एक पाठशाला की तरह है।

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