भागलपुर विधानसभा: ‘ब्राह्मण’ चेहरे पर दांव लगाती भाजपा, क्या अजीत शर्मा की जीत का ‘तिलस्म’ तोड़ पाएगी?

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव में भागलपुर नगर सीट हमेशा से ही एक हॉट सीट रही है, जिसका अपना एक मजबूत चुनावी इतिहास रहा है। अब तक 18 बार हुए चुनावों में यह सीट कभी कांग्रेस तो कभी जनसंघ/भाजपा का मजबूत किला रही है। इस सीट पर जातीय समीकरण भी दिलचस्प रहा है—अब तक सात बार ब्राह्मण, पांच बार कायस्थ, तीन बार वैश्य और तीन बार भूमिहार जाति के विधायक का कब्ज़ा रहा है।

अश्विनी चौबे की ‘विरासत’ और भाजपा का दांव

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भाजपा के लिए यह सीट तब सबसे मज़बूत हुई जब अश्विनी कुमार चौबे ने 1995 के उप-चुनाव में जीत हासिल की और लगातार 2010 तक पांच टर्म तक विधायक रहे। उनकी लगातार पाँच जीतों ने इस सीट को भाजपा के लिए सुरक्षित बना दिया था। चौबे के बक्सर लोकसभा सीट पर चले जाने के बाद से ही भाजपा लगातार इस सीट पर ब्राह्मण चेहरे को ही चुनावी मैदान में उतारती आ रही है।

उनके हटने के बाद 2014 के उप-चुनाव में भाजपा ने उनके बेटे अर्जित शाश्वत चौबे को मौका दिया, लेकिन वह कांग्रेस के अजीत शर्मा से हार गए। इसके बाद, 2015 में नभय कुमार चौधरी (फूल बाबू) और 2020 में संघ पृष्ठभूमि के ब्राह्मण चेहरा रोहित पांडेय को मैदान में उतारा गया, लेकिन तीनों ही बार उन्हें कांग्रेस के अजीत शर्मा से शिकस्त खानी पड़ी।

अजीत शर्मा का बढ़ता ‘कब्ज़ा’ और घटता जनाधार

वर्तमान विधायक और कांग्रेस नेता अजीत शर्मा ने 2014 से लेकर 2020 तक लगातार तीन बार चुनाव जीतकर इस सीट पर कब्ज़ा जमाया है। हालांकि, उनकी जीत का सिलसिला जारी रहा, लेकिन हर चुनाव में उनकी जीत का अंतर कम होता गया। 2020 के चुनाव में अजीत शर्मा ने भाजपा के रोहित पांडेय को महज़ 1,113 वोटों के अंतर से हराया था। यह कांटे की टक्कर बताती है कि भाजपा का ‘ब्राह्मण’ दांव भले ही जीत में सफल न हुआ हो, लेकिन वह कांग्रेस को कड़ी चुनौती दे रहा है।

2025 का मुकाबला: कांटे की टक्कर की प्रबल संभावना

अब एक बार फिर, 2025 के चुनाव में भाजपा के रोहित पांडेय और कांग्रेस के अजीत शर्मा के बीच कांटे की टक्कर होने की प्रबल संभावना है। जहां वर्तमान विधायक अजीत शर्मा चौथी बार जीत दर्ज कराने की पूरी कोशिश में हैं, वहीं पिछली बार मामूली वोटों से हारे रोहित पांडेय संगठन स्तर पर कमी को पाटने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं।

जातिगत समीकरण: वैश्य और मुस्लिम वोटर निर्णायक

भागलपुर नगर सीट के जातिगत समीकरण पर नज़र डालें तो वैश्य जाति की आबादी सबसे अधिक है, जो सवा लाख के आंकड़े को छूती है। दूसरे स्थान पर 85 हज़ार मुस्लिम आबादी है, जबकि ब्राह्मण मतदाता तीसरे स्थान पर हैं, जिनकी संख्या 45 हज़ार है। इसके अलावा, राजपूत और कायस्थ 12-12 हज़ार, यादव 10 हज़ार, भूमिहार 5 हज़ार और एससी-अति-पिछड़ी जाति के मतदाता करीब 24 हज़ार हैं। इस बार वैश्य और मुस्लिम वोटरों का रुख ही तय करेगा कि भागलपुर की ‘ऊंट’ किस करवट बैठता है। क्या भाजपा का ब्राह्मण चेहरा अजीत शर्मा के विजय रथ को रोक पाएगा, यह 14 नवंबर के चुनाव परिणाम ही बताएंगे।

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