बक्सर में स्थित भारत प्लस एथनॉल प्राइवेट लिमिटेड का एथनॉल प्लांट एक बार फिर से संचालन में आ गया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने स्वयं बक्सर पहुंचकर प्लांट का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि प्लांट को बंद न करने का फैसला नववर्ष की शुरुआत में ही ले लिया गया था, ताकि किसी भी कर्मचारी की नौकरी पर संकट न आए।

अजय सिंह ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल प्लांट को उसकी डिजाइन क्षमता से करीब 50 प्रतिशत कम पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 5 जनवरी से प्लांट को दोबारा शुरू कर दिया गया है, जिससे सभी कर्मचारियों का रोजगार सुरक्षित रह सके। उनके अनुसार, भले ही इस निर्णय से प्रबंधन को तात्कालिक रूप से आर्थिक लाभ न हो, लेकिन बिहार के युवाओं और श्रमिकों की आजीविका की रक्षा करना कंपनी की प्राथमिकता है। वहीं, सीएमडी के इस फैसले से प्लांट परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। कुछ दिन पहले तक जिन कर्मचारियों के चेहरों पर चिंता और निराशा झलक रही थी, अब वही कर्मचारी राहत और खुशी महसूस कर रहे हैं। प्लांट के जनरल मैनेजर अजीत सही ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से सोच-समझकर लिया गया है। पहले संभावित खर्च, नुकसान और लाभ का विस्तार से आकलन किया गया, उसके बाद प्रबंधन और टीम के साथ चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया गया।

हालांकि, एचआर मैनेजर अम्बुज कुमार ने बताया कि जब सीएमडी ने प्लांट को वर्किंग मोड में पूरे साल चालू रखने की बात कही, तो कर्मचारियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कैंटीन मैनेजर बिकास कुमार ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि प्लांट बंद होने के दौरान उन्हें भविष्य की चिंता सताने लगी थी, लेकिन सीएमडी के फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस मौके पर अजय सिंह ने राज्य सरकार से भी सहयोग की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल केंद्र स्तर पर आवश्यक हस्तक्षेप कर प्लांट को उसकी पूरी डिजाइन क्षमता के अनुसार एथनॉल सप्लाई का कार्यादेश दिलाने में मदद करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि जिस तरह कंपनी ने रोजगार बचाने के लिए कदम उठाया है, उसी तरह राज्य सरकार भी बिहार के उद्योगों को मजबूती देने के लिए प्रभावी पहल करेगी।