EPF ब्याज दर पर होली से पहले आई बड़ी खुशखबरी: करोड़ों कर्मचारियों की मौज, 8.25% ब्याज दर बरकरार

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
देश के 7 करोड़ से अधिक नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए होली से पहले राहत भरी खबर आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ (PF) जमा पर मिलने वाली ब्याज दर का निर्धारण कर दिया है। सोमवार को हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि चालू वित्त वर्ष के लिए भी ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा जाएगा।

लगातार दूसरे साल स्थिर रही दरें
EPFO के इस फैसले का सीधा फायदा उन करोड़ों सब्सक्राइबर्स को होगा जो अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स के लिए पूरी तरह से ईपीएफ (EPF) पर निर्भर हैं। सूत्रों के अनुसार, CBT ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। अब इस फैसले को अंतिम स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के पास भेजा जाएगा। मंत्रालय से हरी झंडी मिलते ही यह बढ़ा हुआ ब्याज कर्मचारियों के खातों में क्रेडिट होना शुरू हो जाएगा।

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गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी 2024 में भी EPFO ने ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा था। उससे पहले, वित्त वर्ष 2022-23 में यह दर 8.15 प्रतिशत थी, जिसे 2023-24 में बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया गया था।

ब्याज दरों का उतार-चढ़ाव भरा इतिहास
पिछले कुछ वर्षों के दौरान ईपीएफ की ब्याज दरों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव दर्ज किए गए हैं, जहाँ मार्च 2022 में यह दर घटकर 8.10 प्रतिशत के स्तर पर आ गई थी, जिसे पिछले चार दशकों का सबसे निचला स्तर माना गया। यदि पिछले वर्षों के ब्यौरे पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2015-16 में यह 8.80 प्रतिशत और 2018-19 में 8.65 प्रतिशत थी, जो बाद में घटकर 2021-22 में 8.10 प्रतिशत और 2022-23 में 8.15 प्रतिशत रह गई थी। हालांकि, पिछले दो वर्षों (2023-24 और 2024-25) से यह 8.25 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है और आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भी इसी दर का प्रस्ताव रखा गया है। 1977-78 के बाद यह पहली बार था जब दरें 8.10 प्रतिशत के निचले स्तर तक पहुंची थीं, ऐसे में वर्तमान बाजार स्थितियों को देखते हुए 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को एक संतुलित और सुरक्षित रिटर्न माना जा रहा है।

कर्मचारियों के लिए क्यों है यह राहत?
बढ़ती महंगाई के बीच रिटायरमेंट फंड पर 8.25 प्रतिशत का रिटर्न अन्य बचत योजनाओं (जैसे बैंक एफडी) की तुलना में काफी बेहतर माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि होली से ठीक पहले इस घोषणा से वेतनभोगी वर्ग में सकारात्मक संदेश गया है। यह फैसला न केवल करोड़ों लोगों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य की वित्तीय योजना बनाने में भी मददगार साबित होगा।

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