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भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और शांति बनाए रखने के लिए एक बड़ा नियम लागू किया है। अब रात 10 बजे के बाद ट्रेन में मोबाइल पर तेज आवाज में रील्स, वीडियो या गाने देखना-सुनना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। आज हम आपको बताएंगे कि ट्रेन में फालतू शोर को लेकर भारत रेलवे का क्या नियम हैं। और तोड़ने पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
दरअसल, अगर कोई यात्री बिना हेडफोन के गाने सुनता है,रील देखता है या तेज आवाज में बात करता है तो इसे नियम का उल्लंघन माना जा सकता है और उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। वहीं, भारतीय रेलवे ने इसको लेकर स्पष्ट नियम बनाए हैं। जानकारी के लिए बता दें कि रेलवे ने रात के समय यात्रियों के लिए कई तरह के नए नियम बनाए हैं? जिसमें रात 10 बजे के बाद टीटीई टिकट चेक करने नहीं आ सकता है। फिर नाइट लाइट छोड़कर बाकी सभी लाइटें बंद करना जरूरी है। समूह में यात्रा कर रहे यात्री आपस में बातचीत नहीं कर पाएंगे। वहीं, मिथिल बर्थ खोलने पर लोअर बर्थ यात्री आपत्ति नहीं कर सकता है। इसके अलावा ऑनलाइन फूड सर्विस से 10 बजे के बाद खाना नहीं ऑर्डर कर सकते है। लेकिन रात में ही प्री-ऑर्डर कर सकते है। इसके साथ ही आपको ये भी बता दें कि रेलवे में नाइट रूल्स सभी यात्रियों पर समान रूप से लागू होते है।
गौरतलब है कि रेलवे के नियम बनाने के बाद यात्रियों को खुद में समझदारी दिखाना जरूरी है। अगर हर यात्री थोड़ी जिम्मेदारी ले, तो यात्रा सभी के लिए सुखद और आरामदायक बन सकती है। रेलवे एक्ट, 1989 के नियमों के अनुसार, ट्रेन में शांति भंग करना या दूसरों को परेशान करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में RPF यात्री को चेतावनी दे सकती है, जुर्माना(500-1000) तक लगा सकती है या जरूरत पड़ने पर उसे किसी स्टेशन में ट्रेन से उतारा भी जा सकता है। लेकिन अगर यात्री बार-बार वही गलती करे या रेलवे स्टाफ और पुलिस से बदसलूकी करे, तो रेलवे उसे हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश कर सकती है। ऐसे मामलों में अपराधी को जुर्माने के साथ 6 महीने तक की जेल भी हो सकती है।