जन सुराज के प्रशांत किशोर का बड़ा बयान: अबकी बार जनता नंबर वन, नेताओं की विदाई तय

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में राजनीतिक सरगर्मी के बीच जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट कर दिया कि आने वाले चुनाव में जनता की भूमिका निर्णायक होगी और पारंपरिक राजनीति करने वाले नेताओं को इस बार जनता नकार देगी। मुख्यमंत्री पद की रेस में अपने बढ़ते जनसमर्थन को लेकर उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ एक है – बिहार की जनता इस बार नंबर वन रहेगी। लालू, नीतीश, मोदी सब पीछे जाएंगे, और बिहार की जनता चुनाव जीतकर आगे आएगी।”

प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 30 वर्षों में नेताओं की नीतिगत विफलताओं के कारण बिहार गरीब बना रहा, बच्चे अनपढ़ और मजदूरी करने को मजबूर हुए, लेकिन अब जनता जाग चुकी है। उन्होंने कहा कि बिहार में अब नई व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें शिक्षा, रोजगार और सम्मान प्राथमिकता हो। “जन सुराज” अब जन-जन की मांग बन चुकी है,” उन्होंने दोहराया।

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वोटर लिस्ट को लेकर तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा, “चुनाव आयोग को अपना काम करना चाहिए। हम एक राजनीतिक दल के रूप में उस पर नजर रखेंगे, और कुछ गलत दिखेगा तो आवाज उठाएंगे। लेकिन याद रखें, बिहार की असली मालिक जनता है, जो चाहती है वही होगा। लोकतंत्र में जनबल के आगे कोई बल नहीं चलता।”

तेज प्रताप यादव के बयान, “मैं ही दूसरा लालू हूं, इसलिए मुझे टारगेट किया जा रहा है” पर प्रशांत किशोर ने कहा, “तेज प्रताप और तेजस्वी के घर में क्या राजनीति चल रही है, इससे जनता को कोई फर्क नहीं पड़ता। जनता को रोजगार चाहिए, पलायन रुकना चाहिए।”

वहीं अशोक चौधरी को बिना परीक्षा दिए प्रोफेसर बनाए जाने पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “यहां युवा क्लर्क बनने के लिए भी परीक्षा देते हैं, और चौधरी जी 56 की उम्र में सीधे प्रोफेसर बन गए। शायद उन्हें पता है कि चार महीने बाद उनके लिए कोई जगह नहीं बचने वाली है।” प्रशांत किशोर के इन बयानों से साफ है कि जन सुराज अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बिहार में एक नई राजनीतिक धारा बनने की ओर बढ़ रहा है।

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