बिहार छठ पर्व 2025: सुरक्षा और पर्यावरण को लेकर सरकार सख्त, छठ घाटों पर कार्बाइड गन और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में महापर्व छठ के आगमन से पहले राज्य सरकार ने सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए छठ घाटों पर कार्बाइड गन (Carbide Gun) और किसी भी प्रकार के पटाखों के उपयोग, बिक्री या भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

सरकार ने इस संबंध में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि इन विस्फोटक सामग्रियों का इस्तेमाल न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचाता है, बल्कि छठ घाटों पर मौजूद बच्चों की आँखों और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्य सचिव का सख्त निर्देश: व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के आदेश

मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र में सभी जिलाधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे कार्बाइड गन से संबंधित सभी वितरकों (dealers) को तुरंत बुलाकर एक बैठक करें और इस प्रतिबंध के बारे में आम जनता से व्यापक रूप से बातचीत करें। प्रशासन का उद्देश्य है कि छठ पर्व से पहले ही लोगों को इस नियम की जानकारी हो जाए और वे इसका पालन करें।

आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि छठ पर्व के दौरान घाटों पर भीड़-प्रबंधन (Crowd Management) और समुचित सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके लिए पुलिस और सशस्त्र बल के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे छठ पर्व के आयोजन में सुरक्षित और विघ्न-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने में पूरी तरह से शामिल हों।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

सुरक्षा के साथ-साथ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे प्राकृतिक जलस्रोतों (नदियों, तालाबों) की सफाई करें और घाटों के आसपास किसी भी तरह का कचरा न फैलाएं। जारी निर्देश में लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए केवल रूढ़िवादी पारंपरिक सामग्रियों का उपयोग करें और इलेक्ट्रॉनिक या विध्वंसक (destructive) चीजों से बचें।

छठ पर्व: आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश

प्रशासन का कहना है कि छठ पर्व केवल एक धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, पारिवारिक मेलजोल और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी संदेश देता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि यह पवित्र अवसर सूर्य की उपासना कर एक आरामदायक और सुरक्षित माहौल में मनाया जाए। सरकार की इन सख्त हिदायतों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़िलों में विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके। यह निर्देश छठ पर्व की तैयारियों को अंतिम रूप देने के दौरान जारी किया गया है।

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