बिहार चुनाव 2025: CEC का ऐतिहासिक दावा—”ये भारत के सबसे पारदर्शी, सुरक्षित चुनाव होंगे”

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) की तारीखों के ऐलान के दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को बड़ा बयान दिया. उन्होंने दावा किया कि इस बार बिहार में होने वाले चुनाव भारत के चुनावी इतिहास में सबसे अधिक “पारदर्शी, सुरक्षित और सहज चुनाव” होंगे. CEC कुमार ने जोर देकर कहा कि बिहार ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के मामले में देश को एक नई राह दिखाई है.

CEC ज्ञानेश कुमार ने चुनावों की घोषणा के समय बताया कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने या हटाने के लिए आपत्तियों की खिड़की अभी भी खुली रहेगी, जिससे कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रहे. उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी.

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कुमार ने बताया, “बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण 24 जून, 2025 को शुरू हुआ था, और इसका मसौदा (ड्राफ्ट) 1 अगस्त को प्रकाशित किया गया. नागरिकों को 1 सितंबर तक दावे या आपत्तियाँ दर्ज करने का समय दिया गया था. अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को जारी की गई थी.” उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया समर्पण और दक्षता के साथ पूरी की गई, जो देश के लिए एक मिसाल है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नए जोड़े गए हैं, उन्हें चुनाव से पहले नए वोटर कार्ड (New Voter ID Cards) जारी किए जाएंगे. यह सुनिश्चित करेगा कि नए मतदाता आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.

चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, CEC ने सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली फर्जी खबरों (Fake News) को लेकर सख्त चेतावनी दी. मुख्य चुनाव आयुक्त ने पत्रकारों से अनुरोध किया कि यदि कोई भी गलत सूचना (misinformation) या भ्रामक प्रचार (propaganda) उनके माध्यम से फैलाना चाहता है, तो वे उसे बिना सत्यापन (verify) किए आगे न बढ़ाएँ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पत्रकारों को कोई जानकारी गलत लगती है, तो वे इसकी सूचना 1950 हेल्पलाइन या cVIGIL ऐप पर दे सकते हैं, जिसके आधार पर संबंधित व्यक्ति या स्रोत के खिलाफ कार्रवाई (action) की जा सकती है।

CEC ज्ञानेश कुमार ने राज्य में मतदाताओं के आंकड़ों पर भी रोशनी डाली. उन्होंने बताया कि बिहार में कुल 7.42 करोड़ लोग मतदान के लिए पात्र हैं. कुल 90,712 मतदान केंद्र (Polling Stations) बनाए गए हैं. इनमें 3.92 करोड़ पुरुष मतदाता और 3.5 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं. राज्य में 14 लाख मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे.

ज्ञानेश कुमार के इस बयान ने बिहार चुनाव को लेकर पारदर्शिता और सुरक्षा के नए मानकों को स्थापित करने का संकेत दिया है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि चुनाव प्रक्रिया सुचारू और विश्वसनीय तरीके से संपन्न होगी. राजनीतिक दलों और आम जनता ने इस दावे का स्वागत किया है, जिससे लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है.

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