बिहार चुनाव 2025: NDA का ‘डबल इंजन’ हिट, BJP बनी सबसे बड़ी पार्टी, फिर भी ‘नीतीश फैक्टर’ भारी!

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति में कड़ी पकड़ रखने वाले अपनी राजनीतिक कुशलता के लिए विख्यात नीतीश कुमार ने एक अभूतपूर्व विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे अधिक बार मुख्यमंत्री बनने वाले नेता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की प्रचंड जीत के बाद राजभवन में आयोजित भव्य समारोह में 74 वर्षीय नीतीश कुमार ने शपथ ली, जिसके साथ ही उनके नाम यह असाधारण उपलब्धि दर्ज हो गई।
नीतीश कुमार का यह दसवां शपथ ग्रहण समारोह उनकी दशकों लंबी राजनीतिक यात्रा का प्रमाण है, जिसमें उन्होंने कई बार गठबंधन बदले हैं। उन्होंने अपनी सुविधानुसार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन दोनों के साथ मिलकर सरकारें चलाई हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा की यह विशेषता उन्हें भारतीय राजनीति का एक अनोखा व्यक्तित्व बनाती है।

नौ बार सीएम बनने का सफर एक नज़र में
नीतीश कुमार ने अपने पहले कार्यकाल में ही राजनीतिक अस्थिरता का सामना किया था।
• पहला कार्यकाल (मार्च 2000): केवल सात दिन तक पद पर रहे, क्योंकि वे बहुमत साबित नहीं कर पाए थे।
• दूसरा कार्यकाल (नवंबर 2005): पहली बार पूरा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया।
• तीसरा कार्यकाल (नवंबर 2010): लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने।
• चौथा कार्यकाल (फरवरी 2015): 2014 लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद इस्तीफा दिया, लेकिन कुछ ही महीनों बाद जीतन राम मांझी से सत्ता वापस ली।
• पांचवां कार्यकाल (नवंबर 2015): राजद और कांग्रेस के साथ महागठबंधन के तहत सीएम बने।
• छठा कार्यकाल (जुलाई 2017): महागठबंधन से नाता तोड़कर एनडीए में वापसी की और फिर से मुख्यमंत्री बने।
• सातवां कार्यकाल (नवंबर 2020): विधानसभा चुनाव के बाद एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री बने।
• आठवां कार्यकाल (अगस्त 2022): भाजपा से गठबंधन तोड़कर राजद के साथ महागठबंधन सरकार बनाई।
• नौवां कार्यकाल (जनवरी 2024): महागठबंधन छोड़कर फिर से एनडीए में वापस आकर नौवीं बार शपथ ली।
और अब, 2025 में, उन्होंने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते है, जो उन्हें भारत में किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा सबसे अधिक बार शपथ लेने वाला नेता बनाती है।

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सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ने की राह पर

भले ही नीतीश कुमार ने सबसे अधिक बार शपथ लेने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में कुल कार्यकाल की अवधि के मामले में वह अभी भी शीर्ष पायदान पर पहुंचने की दौड़ में हैं। वर्तमान में, उनका लगभग 19 वर्ष का कुल कार्यकाल है, जिसने उन्हें शीर्ष 10 सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में नौवें स्थान पर ला खड़ा किया है। इस सूची में शीर्ष पर अभी भी सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग हैं, जिन्होंने 24 वर्ष और 165 दिन तक लगातार पद संभाला। उनके बाद ओडिशा के नवीन पटनायक (24 वर्ष, 99 दिन) और पश्चिम बंगाल के ज्योति बसु (23 वर्ष, 137 दिन) का स्थान है। नीतीश कुमार ने पांच साल का यह नया कार्यकाल पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसके बाद वे न सिर्फ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ेंगे, बल्कि सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में भी शीर्ष तीन में जगह बनाने के लिए मजबूती से आगे बढ़ेंगे। 74 वर्षीय नीतीश कुमार ने दसवीं बार शपथ लेकर यह साबित कर दिया है कि बिहार की राजनीति में उनकी भूमिका अभी भी निर्णायक है और वे आने वाले कई वर्षों तक भारतीय राजनीति के केंद्र में बने रहेंगे।

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