सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए विपक्षी महागठबंधन में सीटों के बंटवारे (Seat Sharing) पर चल रहा गतिरोध अब लगभग समाप्त हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, सहयोगी दलों, खासकर कांग्रेस, के हिस्से की सीटों का मामला सुलझ गया है और आज (बुधवार) इसकी औपचारिक घोषणा होने की प्रबल संभावना है।
सीटों पर सहमति बनने के बाद, दिल्ली में मंगलवार देर शाम कांग्रेस मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया गया।
कांग्रेस की CEC बैठक में राहुल गांधी भी शामिल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिनमें महासचिव केसी वेणुगोपाल, अजय माकन, इमरान प्रतापगढ़ी, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावारू शामिल थे। सबसे महत्वपूर्ण यह रहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस लंबी बैठक में जुड़े।
करीब तीन घंटे से अधिक चली इस बैठक में नेताओं ने एक-एक प्रत्याशी के नाम पर गहन विचार-मंथन किया। सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने पैनल में शामिल 76 नामों में से 35 से अधिक उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगाई। इससे पहले, कुछ दिन पहले हुई CEC की बैठक में 25 उम्मीदवारों के नाम तय किए गए थे।
ऑनलाइन आवेदन और प्रदर्शन
पार्टी नेताओं ने उम्मीदवारों का चयन करते समय उनके नाम, क्षेत्र में सक्रियता, पार्टी में सक्रियता के वर्षों और जनाधार जैसे मुद्दों पर लंबी चर्चा की। टिकट वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और विवादों से बचने के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों से ऑनलाइन आवेदन मंगाए थे। इन्हीं आवेदनों में से क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले चेहरों को शॉर्टलिस्ट कर उनका पैनल बनाया गया था, जिस पर मुहर लगाई गई। सिटिंग उम्मीदवारों के नाम पहले ही तय किए जा चुके थे।
हालांकि, बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस मुख्यालय के बाहर सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एकत्रित हो गए और प्रदर्शन करने लगे। ये कार्यकर्ता महिला उम्मीदवारों को अधिक टिकट दिए जाने और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से अधिक से अधिक सीटों की मांग को लेकर अपना विरोध जता रहे थे। कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन दिखाता है कि ऊपरी स्तर पर भले ही सहमति बन गई हो, लेकिन जमीनी स्तर पर टिकट वितरण को लेकर असंतोष अभी भी मौजूद है।
महागठबंधन द्वारा आज सीट शेयरिंग के फार्मूले की घोषणा किए जाने के बाद, बिहार का चुनावी रण पूरी तरह से सज जाएगा और प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया में तेजी आएगी।