बिहार में मौसम का मिज़ाज सोमवार को बदल गया है, क्योंकि दक्षिण भारत में उठ रहे चक्रवात ‘दितवाह’ का असर राज्य के कई हिस्सों में दिख रहा है। गोपालगंज, बेतिया, बेगूसराय समेत 7 जिलों में सुबह से घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि कई क्षेत्रों में बादल लगातार बने हुए हैं। हालांकि तूफान का मुख्य असर दक्षिण भारत के तटीय इलाकों तक सीमित है, फिर भी इसके बाहरी बादल बिहार तक पहुँच रहे हैं।
पिछले 24 घंटे में बिहार का सबसे ठंडा जिला किशनगंज रहा, जहाँ तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, तीन दिन लगातार सबसे कम तापमान वाले औरंगाबाद में रविवार को न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा। इस समय राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 0.9 डिग्री कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, इस कारण सुबह और रात की ठंड में फिलहाल कोई खास वृद्धि नहीं दिखाई दे रही है। मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले दो दिनों तक बनी रहेगी और बादल छाए रहने के बावजूद ठंड में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह में मौसम में बदलाव आएगा। 7 से 9 दिसंबर के बीच पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ने के कारण पूरे बिहार में शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं। इस दौरान रात का तापमान लगभग 10 डिग्री के आसपास गिरने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवात ‘दितवाह’ का प्रभाव केवल ऊपरी वायुमंडलीय परत तक सीमित रहेगा, इसलिए बिहार में बारिश या तेज हवाओं का कोई खतरा नहीं है। अगले 48 घंटों तक राज्य में बादल बने रहेंगे, जबकि राजधानी पटना में हल्के बादल के साथ सुबह-शाम हल्की ठंड अनुभव की जा सकती है और दिन के समय तापमान लगभग 27-28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। वहीं, हवा में नमी की मौजूदगी के कारण रात में हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि 5 दिसंबर के बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी और पटना समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों में ठंड का असर स्पष्ट रूप से महसूस होने लगेगा।