बिहार की सियासत में बड़े बदलाव की आहट ने प्रशासनिक गलियारों (Bureaucracy) में हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं और संभावित इस्तीफे की खबरों के बीच, राज्य के रसूखदार आईएएस अधिकारियों ने अपनी नई ‘सेटिंग’ बिठानी शुरू कर दी है। नीतीश कुमार के करीब दो दशक लंबे कार्यकाल के दौरान उनके भरोसेमंद रहे कई अफसर अब सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं। सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट के बीच बिहार कैडर के अधिकारियों का एक बड़ा गुट दिल्ली (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति) जाने की जुगत में है।

दिल्ली जाने की तैयारी में ये दिग्गज अफसर;
1) डॉ. बी राजेंद्र (1995 बैच): सामान्य प्रशासन और शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात राजेंद्र मूल रूप से तेलंगाना के हैं। पिछले महीने ही केंद्र ने उन्हें सेक्रेटरी लेवल के लिए ‘इनपैनल’ किया है। उनके पास बिपार्ड और जन शिकायत जैसे अहम प्रभार भी हैं।
2) डॉ. गोपाल सिंह (2003 बैच, IFS): लंबे समय से मुख्यमंत्री के OSD के रूप में कार्यरत गोपाल सिंह को बिहार सरकार पिछले साल ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की हरी झंडी दे चुकी है। वह वन विभाग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
3) डॉ. सफीना एन (1997 बैच): मगध प्रमंडल की कमिश्नर सफीना मूल रूप से केरल की निवासी हैं। कृषि में पीएचडी धारक सफीना भी अब बिहार से बाहर अपनी सेवाएं देने की इच्छुक दिख रही हैं।
4) गोपाल मीणा (2007 बैच): राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव मीणा राजस्थान के रहने वाले हैं। कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री रखने वाले मीणा के पास जांच आयुक्त का भी अतिरिक्त प्रभार है।
5) डॉ. प्रतिमा एस. वर्मा (2002 बैच): विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव प्रतिमा कर्नाटक से ताल्लुक रखती हैं। वह वर्तमान में दिल्ली स्थित बिहार निवास में भी तैनात हैं, जिससे उनकी दिल्ली की राह आसान मानी जा रही है।

प्रतिनियुक्ति का गणित और नियम;
बिहार कैडर के लिए केंद्र सरकार में आईएएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का कुल कोटा 70 तय है, लेकिन फिलहाल केवल 30 अधिकारी ही दिल्ली में तैनात हैं। नियमों के अनुसार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष होता है। आम तौर पर उप सचिव (Deputy Secretary) स्तर पर ही दिल्ली जाना अधिकारियों के लिए आसान माना जाता है, क्योंकि इसके बाद उच्च स्तर पर प्रतिनियुक्ति के लिए मजबूत पैरवी और संपर्क की आवश्यकता पड़ती है।

गौरतलब है कि दिल्ली में तैनाती के दौरान जहां कई अधिकारी बिहार कैडर से बाहर रहना पसंद कर रहे हैं, वहीं कुछ अनुभवी अधिकारियों की राज्य में वापसी भी नए प्रशासनिक समीकरणों की उम्मीद जगा रही है। 2004 बैच के आईएएस अधिकारी आर. लक्ष्मण, जो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में तैनात रहे हैं, अपनी अवकाश अवधि पूरी करने के बाद फरवरी 2026 के बाद बिहार लौटकर नई जिम्मेदारी संभालेंगे।