बिहार : नए साल के पहले दिन जमीन मालिकों को तोहफा, CO-DCLR की मनमानी पर कसा गया शिकंजा

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नए साल के पहले दिन भूमि विवाद और अन्य संबंधित मामलों में निष्पक्षता और समानता सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों में खास तौर पर संविधान के अनुच्छेद-14 और समता सिद्धांत (Parity Principle) का पालन करने पर जोर दिया गया है। साथ ही, राज्य सरकार ने भूमि सुधार प्रशासन की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

राजस्व विभाग के प्रधान सचिव, सी.के. अनिल ने सभी राजस्व पदाधिकारियों को पत्र भेजकर यह निर्देश दिया है कि समान मामलों में भिन्न-भिन्न आदेश पारित करने से बचा जाए। पत्र में कहा गया है कि कई मामलों में विधिक ज्ञान और प्रशिक्षण के अभाव में समान मामलों में अलग-अलग आदेश दिए जा रहे थे, जो न केवल अनुच्छेद-14 का उल्लंघन था, बल्कि इससे लोक विश्वास भी कमजोर हो रहा था।

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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण हटाने, जमाबंदी कायम करने, पट्टा देयता, और सार्वजनिक भूमि से जुड़े मामलों में एकरूप, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की उम्मीद की गई है। समाहर्ताओं को इन मामलों में कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, पहचान देखकर आदेश देना, दबाव में भिन्न व्यवहार करना, और चयनात्मक सख्ती जैसे कृत्य भी निषिद्ध कर दिए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “राजस्व प्रशासन में समानता, पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर भेदभाव या दबाव में लिया गया निर्णय स्वीकार्य नहीं होगा।” उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि समान मामलों में अलग-अलग निर्णय की कोई गुंजाइश न हो।

सरकार के इस आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में भूमि से जुड़े मामलों में अब निष्पक्षता और समानता के सिद्धांत का पालन सख्ती से किया जाएगा, जिससे नागरिकों को न्याय मिलेगा और प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा।

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