बिहार NDA सीट शेयरिंग: ‘102-101’ का फॉर्मूला तय! जेडीयू को मामूली बढ़त, छोटे सहयोगियों का भी हिस्सा

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला लगभग फाइनल हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक, जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर एक सीट की मामूली बढ़त दी गई है, जो गठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की वरिष्ठ स्थिति को बनाए रखने के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चाओं और विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई है कि NDA का संभावित फॉर्मूला 102-101 का होगा। यानी जेडीयू 102 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बीजेपी 101 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। यह ‘एक सीट की बढ़त’ नीतीश कुमार को NDA का चेहरा बनाए रखने और गठबंधन में उनकी सीनियर पोज़िशन को स्वीकार करने का स्पष्ट संकेत है। यह समझौता दिखाता है कि बीजेपी ने गठबंधन की एकता और नीतीश कुमार की ओबीसी तथा ग्रामीण वोटरों में पकड़ को महत्व दिया है।

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छोटे सहयोगियों को भी मिली हिस्सेदारी
इस संभावित समझौते में छोटे दलों को भी उनकी राजनीतिक ताकत के अनुरूप उचित हिस्सेदारी दी गई है:

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को संभावित रूप से 22-28 सीटें मिल सकती हैं।

जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के खाते में 6-8 सीटें आने की संभावना है।

उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 3-5 सीटें दी जा सकती हैं।

रणनीतिक कदम क्यों है यह समझौता?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी का जेडीयू को यह मामूली बढ़त देना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य गठबंधन में मजबूत तालमेल बनाए रखना है। नीतीश कुमार का ग्रामीण और ओबीसी वोटरों पर प्रभाव है, जबकि बीजेपी शहरी और पारंपरिक वोटरों पर ध्यान केंद्रित करती है। यह सीट बंटवारा सुनिश्चित करता है कि दोनों बड़े दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों को अधिकतम कर सकें और NDA एकजुट होकर महागठबंधन को कड़ी टक्कर दे सके।

इस बीच, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग कभी भी तारीखों का ऐलान कर सकता है, जिसके मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की एक अहम बैठक 5 अक्टूबर को दिल्ली में हो सकती है। इस बैठक में न केवल सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर अंतिम मुहर लग सकती है, बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है।

फिलहाल, इस संभावित सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर आधिकारिक घोषणा चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद ही होने की उम्मीद है। लेकिन संकेत साफ हैं कि NDA ने अपनी अंदरूनी खींचतान को सुलझा लिया है और अब सभी की निगाहें उम्मीदवारों की अंतिम सूची और उन चेहरों पर टिकी हैं जो मैदान में उतरेंगे। यह सीट बंटवारा NDA की एकजुटता और रणनीतिक तालमेल को दर्शाता है, जिसके दम पर वह चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है।

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