बिहार चुनाव: सीट बंटवारे पर अड़े VIP प्रमुख मुकेश सहनी हुए ‘नॉट रिचेबल’, महागठबंधन की एकता पर गहराया संकट

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जारी गतिरोध अब एक गंभीर संकट में बदल गया है। महागठबंधन के एक प्रमुख सहयोगी दल विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी अचानक ‘नॉट रिचेबल’ हो गए हैं, जिससे गठबंधन के नेताओं से उनका संपर्क टूट गया है।

सूत्रों के मुताबिक, मुकेश सहनी पिछले कुछ घंटों से महागठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क से बाहर हैं। सहनी का यह अचानक लिया गया रुख, सीट बंटवारे की आधिकारिक घोषणा से ठीक पहले, महागठबंधन पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। VIP प्रमुख अपनी दो प्रमुख मांगों पर अड़े हुए थे, जिसने सीट बंटवारे के अंतिम फैसले को रोक रखा था।

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सहनी की दो बड़ी मांगें बनीं गतिरोध की वजह
मुकेश सहनी की दो प्रमुख मांगें थीं, जिन पर RJD और अन्य सहयोगी दल सहमत नहीं हो पा रहे थे:

  1. 60 सीटों की मांग: VIP प्रमुख महागठबंधन में अपने कोटे के लिए 60 विधानसभा सीटों की मांग पर मजबूती से टिके थे। महागठबंधन के अन्य घटक दलों और RJD द्वारा यह मांग अत्यधिक मानी जा रही थी, जिससे सीटों की संख्या को लेकर गतिरोध बना हुआ था।
  2. उपमुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी: सहनी की दूसरी बड़ी और महत्वपूर्ण मांग यह थी कि उन्हें महागठबंधन की ओर से उपमुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आधिकारिक तौर पर घोषित किया जाए। इस पद की सार्वजनिक घोषणा की जिद पर वह अड़े हुए थे।

नामांकन के बीच बढ़ी महागठबंधन की चिंता
सूत्रों का कहना है कि इन दोनों मांगों पर सहमति न बनने के कारण मुकेश सहनी बेहद नाराज थे। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाने के बावजूद भी सीट बंटवारे की आधिकारिक घोषणा न हो पाना पहले से ही महागठबंधन में तनाव का कारण बना हुआ था।

अब, मुकेश सहनी का इस महत्वपूर्ण समय पर ‘नॉट रिचेबल’ हो जाना, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले इस गठबंधन की एकता और मजबूती के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। सहनी के इस अप्रत्याशित कदम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या महागठबंधन सीट बंटवारे के विवाद को सुलझाकर आगामी चुनाव में एकजुट होकर उतर पाएगा। VIP प्रमुख का यह रुख बिहार की राजनीति में ‘मल्लाह समुदाय’ के वोटों को लेकर उनकी मोलभाव करने की क्षमता को दर्शाता है, जिसने RJD की चिंता बढ़ा दी है।

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