बिहार: बहूभोज खाने से 200 से अधिक लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती; पूरे गांव में हड़कंप

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
हाथीदह थाना क्षेत्र के औंटा गांव में गुरुवार को आयोजित एक शादी के बहूभोज (रिसेप्शन पार्टी) के बाद अगले दिन 200 से अधिक लोग अचानक बीमार पड़ गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। दस्त, उल्टी, पेट दर्द और तेज बुखार की शिकायत के बाद बीमार लोगों को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोकामा, रेफरल अस्पताल और नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है।

दावत के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, औंटा बजरंगबली चौक के पास एक विवाह के अवसर पर बहूभोज का आयोजन किया गया था, जिसमें लगभग 500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि आयोजन स्थल पर स्वादिष्ट भोजन का सेवन करने के बाद सभी लोग सामान्य रूप से अपने-अपने घर चले गए। हालांकि, शुक्रवार की सुबह से ही लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। देखते ही देखते दस्त, उल्टी, पेट दर्द और तेज बुखार के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या गांव में दर्जनों तक पहुंच गई।

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पीड़ितों में धर्मेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, गौरव शर्मा, सूरज कुमार, सुबोध कुमार, विराज शर्मा, शिल्पी, ललन कुमार, स्वीटी, छोटू कुमार और नेहा कुमारी जैसे कई नाम शामिल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। कई गंभीर पीड़ितों को नाजरेथ अस्पताल में भी भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य का उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी नर्सिंग होम में जारी है।

विषाक्त भोजन या मौसम का असर?
घटना के बाद गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बीमारी का कारण विषाक्त भोजन (फूड पॉइजनिंग) है या फिर मौसम में अचानक हुए बदलाव और बढ़ती ठंड के कारण लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है।

हालांकि, बहूभोज में शामिल कई लोगों ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने भी वही भोजन खाया था, लेकिन उनकी सेहत पूरी तरह से ठीक है। इस बात से यह संभावना भी जताई जा रही है कि कुछ लोगों में केवल संवेदनशीलता के कारण बीमारी विकसित हुई होगी।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही हाथीदह थाना के थानाध्यक्ष रंजन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ितों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने बहूभोज के भोजन को ही तबीयत बिगड़ने का कारण बताया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम भी औंटा गांव पहुंची और जांच शुरू कर दी है। विभाग की टीम ने सबसे पहले बीमार लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और गंभीर मामलों को रेफरल अस्पताल भेजा। स्वास्थ्य विभाग ने भोजन के नमूने (फूड सैंपल्स) भी एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोजन में किसी प्रकार का विषाक्त तत्व तो नहीं था।

सफाई और सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने आयोजन के दौरान भोजन की पर्याप्त सफाई और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि भोजन लंबे समय तक खुले में रखा गया था, जिससे उसमें बैक्टीरिया पनपने की आशंका है। दूसरी ओर, आयोजकों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भोजन साफ-सुथरे तरीके से ही तैयार किया गया था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दस्त, उल्टी और तेज बुखार की स्थिति को नजरअंदाज करना गंभीर हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बीमार महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और पेशेवर चिकित्सीय सहायता ही लें।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और कहा है कि पीड़ितों के उपचार को प्राथमिकता दी जा रही है। यह घटना अन्य बड़े आयोजनों के लिए भी एक चेतावनी है कि भोजन की सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। फिलहाल, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर जांच और उपचार में जुटे हुए हैं।

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