सिटी पोस्ट लाइव
रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय में शनिवार को DGP ने सहारा इंडिया की लीगल टीम और विश्व भारती जन सेवा संस्थान के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान निवेशकों के 400 करोड़ रुपये 15 दिनों के भीतर लौटाने के लिए सहारा इंडिया को सख्त चेतावनी दी गई।
गिरफ्तारी की चेतावनी
DGP ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में राशि वापस नहीं की गई, तो सहारा इंडिया समूह के निदेशकों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
Seal किए गए कार्यालय खोलने की मांग खारिज
बैठक में सहारा इंडिया की लीगल टीम ने झारखंड में Seal किए गए उनके कार्यालयों को फिर से खोलने की अनुमति मांगी। हालांकि, DGP ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया।
निवेशकों से पैसे लेने का आरोप
DGP ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के रोक के आदेश के बावजूद सहारा इंडिया की शाखाएं झारखंड के कई जिलों में संचालित हो रही हैं। इन शाखाओं में Re-Submission के नाम पर निवेशकों से पैसे लिए जा रहे हैं, जिसका प्रमाण पुलिस के पास मौजूद है। इसी वजह से रांची स्थित जोनल कार्यालय को छोड़कर किसी भी कार्यालय को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। रांची का कार्यालय भी केवल पत्राचार के उद्देश्य से खोला जाएगा।
कार्रवाई की चेतावनी
DGP ने साफ कर दिया कि अगर प्रतिबंध के बावजूद कोई कार्यालय संचालित किया गया, तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। सहारा इंडिया की लीगल टीम ने इस निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए 15 दिनों का समय मांगा, ताकि समस्या का कोई समाधान निकाला जा सके।