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बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत लगभग 11,300 राशन कार्डधारकों के कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा के आधार पर लिया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी राशन का लाभ केवल असली जरूरतमंदों को ही मिले।
राज्य के विभिन्न जिलों में की गई समीक्षा में यह पाया गया कि कई लाभार्थी ऐसे थे, जो आयकरदाता, उच्च आय वर्ग के लोग, सरकारी कर्मचारी, जीएसटी रिटर्न फाइल करने वाले और चारपहिया वाहन मालिक थे, फिर भी वे राशन कार्ड का लाभ ले रहे थे। बक्सर जिले के अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा के आधार पर की जा रही है, जिसका उद्देश्य पीडीएस प्रणाली को मजबूत करना और वास्तविक जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाना है।
कहां कितने राशन कार्ड रद्द होंगे?
बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में 11,300 से अधिक अपात्र राशन कार्ड रद्द किए जाने की प्रक्रिया जारी है। इनमें से प्रमुख क्षेत्रों में:
सदर प्रखंड: 1,840 कार्ड
नगर परिषद: 850 कार्ड
चौसा: 1,160 कार्ड
इटाढ़ी: 3,270 कार्ड
राजपुर: 4,110 कार्ड
पीडीएस में सुधार की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से राज्य में पीडीएस की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। अपात्र कार्डधारकों के हटने से सरकारी अनाज की उपलब्धता बढ़ेगी और असली जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचने की संभावना अधिक होगी। इसके अलावा, इस अभियान से सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं की संख्या में कमी आएगी और केवल पात्र लाभार्थियों को ही लाभ मिलेगा।
आगे की प्रक्रिया क्या है?
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर कार्ड निरस्तीकरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति अपने राशन कार्ड को पात्र मानता है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुनः आवेदन कर सकता है, लेकिन अपात्र पाए जाने पर कार्ड रद्द करना जारी रहेगा। यह कदम सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।