बिहार समृद्धि यात्रा: नीतीश कुमार के भाषण की 7 बड़ी बातें, नौकरियों की बौछार और पुरानी सरकार पर प्रहार…

Ritu Raj

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के तीसरे चरण का आगाज सुपौल से हुआ, जहाँ उन्होंने न केवल अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि आगामी 5 वर्षों का रोडमैप भी पेश किया। इस सभा में मुख्यमंत्री के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने भी अपनी बात रखी।

2005 बनाम वर्तमान:
नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि 24 नवंबर 2005 से पहले बिहार में विकास का कोई नामोनिशान नहीं था। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकार ने कोई काम नहीं किया, लेकिन जब से NDA की सरकार बनी है, राज्य में ‘कानून का राज’ स्थापित हुआ है।

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‘जंगलराज’ और सुरक्षा का मुद्दा:
अतीत की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते थे। हत्या, लूट और डकैती आम बात थी, जिसे उनकी सरकार ने खत्म कर प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बनाया है।

सांप्रदायिक सौहार्द और घेराबंदी:
उन्होंने कहा कि पहले हिंदू-मुस्लिम झगड़े करवाए जाते थे। आपसी भाईचारा बढ़ाने के लिए सरकार ने 2006 से कब्रिस्तानों और 2016 से मंदिरों की घेराबंदी का काम शुरू किया, ताकि जमीन को लेकर कोई विवाद न हो और शांति बनी रहे।

करोड़ नौकरी और रोजगार का संकल्प:
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब तक 50 लाख युवाओं को काम दिया जा चुका है और आने वाले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

महिला सशक्तिकरण और ‘जीविका’:
नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए किए गए कार्यों को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने पुलिस भर्ती में 35% आरक्षण दिया और विश्व बैंक की मदद से ‘जीविका’ समूह का गठन कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया।

केंद्र सरकार का आभार:
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार के विकास में दिल्ली का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से 2024 के बजट में बिहार को मिले आर्थिक पैकेज और मखाना बोर्ड के गठन के लिए आभार व्यक्त किया।

शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार:
शिक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों की संख्या अब 5 लाख के पार पहुंच गई है। पोशाक योजना और साइकिल योजना के माध्यम से छात्र-छात्राओं को स्कूलों तक पहुँचाया गया और चौपट हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाया गया।

नेताओं के बयान;

नेतामुख्य बात
विजय चौधरी“भले ही आप राज्यसभा जाएं, लेकिन बिहार से अपना लगाव बनाए रखें। हमें आपके नेतृत्व की आदत है।”
सम्राट चौधरी“नीतीश जी कहीं नहीं जा रहे, वो हमारे बीच रहकर हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।”
बिजेंद्र यादव“नीतीश कुमार का काम इतिहास में दर्ज होगा। राज्यसभा जाने का फैसला उनका व्यक्तिगत है।”
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