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बिहार ने हमेशा ही प्रतिभा और प्रेरणा का स्रोत रहा है। राजनीति से लेकर कला, विज्ञान और समाज सेवा तक, इस भूमि ने ऐसे कई महान लोगों को जन्म दिया है, जिन्होंने न केवल देश में बल्कि विश्व भर में अपनी छाप छोड़ी है। उनकी कहानियां दृढ़ता, कड़ी मेहनत और सफलता की मिसाल पेश करती हैं।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद
डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम के एक महान सेनानी थे। उनका जन्म बिहार के सीवान जिले में हुआ था। वे जीवन भर सादगी, ईमानदारी और गहरी बुद्धिमत्ता के लिए पहचाने गए। राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्होंने एक सादा और आदर्श जीवन जिया तथा राष्ट्र के निर्माण और विकास पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया। भारत के संविधान निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। सत्य, सेवा और समर्पण के प्रतीक डॉ. प्रसाद, आज भी बिहार और देश के लिए प्रेरणा हैं। - उस्ताद बिस्मिल्लाह खान
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान बिहार के बक्सर जिले के डुमराँव में जन्मे विश्व प्रसिद्ध शहनाई वादक थे। उन्होंने शहनाई जैसे पारंपरिक भारतीय वाद्ययंत्र को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। वे मानते थे कि संगीत लोगों को जोड़ने की ताकत रखता है। विश्व प्रसिद्धि पाने के बावजूद वे अपनी जड़ों से जुड़े रहे और सादगीपूर्ण जीवन जीते रहे। उनकी कला और योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। - जयप्रकाश नारायण
जयप्रकाश नारायण, जिन्हें प्रेम से ‘जेपी’ या ‘लोकनायक’ कहा जाता है, बिहार के सारण जिले (वर्तमान में छपरा) के सिताबदियारा गांव में जन्मे एक महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और प्रभावशाली राजनीतिक नेता थे। वे 1970 के दशक में इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ नेतृत्व करने और “संपूर्ण क्रांति” का आह्वान करने के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। उनके आंदोलन ने देश में आपातकाल की घोषणा की भूमिका निभाई। उन्हें 1999 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया और पटना हवाई अड्डे का नाम उनके सम्मान में रखा गया। - रामधारी सिंह दिनकर
बेगुसराय के सिमरिया गांव में जन्मे रामधारी सिंह “दिनकर” एक भारतीय हिंदी कवि और शिक्षाविद थे, जिन्हें आधुनिक समय के सबसे महत्वपूर्ण हिंदी कवियों में से एक माना जाता है। आजादी से पहले लिखी गई राष्ट्रवादी कविताओं के लिए उन्हें राष्ट्रकवि के रूप में प्रतिष्ठित किया गया था। वह तीन बार राज्यसभा के लिए चुने गए और 1959 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उसी वर्ष उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला। - मनोज बाजपेयी
मनोज बाजपेयी एक प्रतिभाशाली और पुरस्कार विजेता अभिनेता हैं जो गंभीर और सशक्त भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। पश्चिम चंपारण के एक छोटे से गांव में जन्मे, वह समर्पण और कड़ी मेहनत से प्रसिद्धि तक पहुंचे। उन्होंने कई फिल्मों और वेब श्रृंखलाओं में अभिनय किया है जिन्हें आलोचनात्मक और सार्वजनिक दोनों तरह से प्रशंसा मिली है। उनकी दमदार आवाज और ईमानदार किरदारों के लिए उनका सम्मान किया जाता है। पश्चिम चम्पारण के बेलवा गांव में इनका जन्म हुआ। इनकी फिल्म सत्या, द फैमिली मैन, गैंग्स ऑफ वासेपुर काफी चर्चित रही। राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार विजेता होने के अलावा रंगमंच और यथार्थवादी सिनेमा के प्रबल समर्थक विनम्र स्वभाव और दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं। - पंकज त्रिपाठी
पंकज त्रिपाठी भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा अभिनेताओं में से हैं जिन्होंने अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली और शांत, सादगीपूर्ण उपस्थिति से दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया है। बिहार के गोपालगंज जिले में एक किसान परिवार में जन्मे पंकज का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा। अभिनय की शुरुआत रंगमंच से करने वाले पंकज त्रिपाठी ने फिल्मों में पहचान पाने से पहले एक होटल में कुक के रूप में भी काम किया था। उन्होंने मिर्ज़ापुर, स्त्री, न्यूटन जैसी कई फिल्मों और वेब सीरीज़ में दमदार अभिनय से लोगों का दिल जीता। खासकर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उनकी लोकप्रियता और भी बढ़ी है। उनकी मेहनत और समर्पण के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। एक किसान के बेटे से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित अभिनेता बनने तक का उनका यह सफर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है - शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा, जिन्हें लोग प्यार से “बिहारी बाबू” और “शॉटगन” के नाम से जानते हैं, बॉलीवुड के एक दिग्गज अभिनेता और पटना से वरिष्ठ राजनेता हैं। उनका जन्म बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। 1970 के दशक में उन्होंने कालीचरण, दोस्ताना, विश्वनाथ जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय कर लोकप्रियता हासिल की और बॉलीवुड के सुपरस्टार बन गए। अपने बेबाक अंदाज और जोरदार डायलॉग डिलीवरी के कारण उन्हें “शॉटगन” कहा गया।
बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और संसद सदस्य के रूप में कई बार चुने गए। साथ ही केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी उन्होंने कार्य किया। आज भी वह सक्रिय राजनीति में हैं और अपनी स्पष्ट, निर्भीक राय के लिए जाने जाते हैं। उनका सफर अभिनय से राजनीति तक प्रेरणादायक है, और वे बिहार के सबसे चर्चित और प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं।
- सुशांत सिंह राजपूत
सुशांत सिंह राजपूत, बिहार के पटना में जन्मे एक शानदार अभिनेता थे जिन्होंने बॉलीवुड में अपनी विशेष पहचान बनाई। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टीवी से की और बाद में फिल्म एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी में महान क्रिकेटर एमएस धोनी का किरदार निभाकर पूरी देश में प्रसिद्धि पाई। सुशांत विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति गहरी रुचि रखते थे और एक टॉप छात्र थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अभिनय को अपना करियर चुना। उन्होंने काई पो चे और छिछोरे जैसी लोकप्रिय फिल्मों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। भले ही उन्होंने हमें बहुत जल्दी छोड़ दिया, उनकी ऊर्जा, सपने और दयालु स्वभाव आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं।
राजनीति के दिग्गज
- लालू प्रसाद यादव
लालू प्रसाद यादव बिहार के सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं में से एक हैं। उनका जन्म गोपालगंज जिले में हुआ था। वे अपनी अनूठी और प्रभावशाली भाषण शैली के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कई वर्षों तक सेवा दी और बाद में भारत के रेल मंत्री भी बने। लालू प्रसाद यादव ने पिछड़े वर्गों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया और उनकी आवाज़ को मजबूती से उठाया। हालांकि उनके करियर में कानूनी विवाद भी रहे, फिर भी बिहार की राजनीति पर उनका गहरा और ऐतिहासिक प्रभाव बना हुआ है। उनका राजनीतिक सफर और सामाजिक लड़ाई आज भी देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। - नीतीश कुमार
नीतीश कुमार बिहार के वरिष्ठ राजनेता और कई बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनका जन्म बिहार के बख्तियारपुर में हुआ। उन्होंने बिहार में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार किए हैं। उनके नेतृत्व को बिहार की बदलती छवि का मुख्य कारण माना जाता है। सुशासन और विकास के लिए उन्हें “सुशासन बाबू” के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बेहतर सड़कें, बिजली व्यवस्था और स्कूली छात्राओं के लिए निःशुल्क साइकिल योजना जैसे कई जनकल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किए। स्वच्छ राजनीति और सतत विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें बिहार के एक प्रभावशाली और लोकप्रिय नेता बनाती है। - प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर बिहार के एक प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीतिकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका जन्म रोहतास जिले में हुआ। उन्होंने स्मार्ट योजना के तहत पूरे भारत में कई नेताओं के चुनाव अभियान सफलतापूर्वक चलाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी, नीतीश कुमार और ममता बनर्जी जैसे बड़े नेता उनके द्वारा डिजाइन किए गए अभियान से लाभान्वित हुए हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने बिहार में जन-सुराज नामक जन-केंद्रित आंदोलन की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य राज्य में ईमानदार और कुशल नेतृत्व को बढ़ावा देना है। प्रशांत किशोर युवाओं को स्वच्छ राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं और उनकी सोच बिहार की राजनीति में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। - रवीन्द्र किशोर सिन्हा (आर.के. सिन्हा)
रवींद्र किशोर सिन्हा, जिन्हें आमतौर पर आर.के. सिन्हा के नाम से जाना जाता है, एक सफल भारतीय व्यवसायी, राजनीतिज्ञ और पूर्व पत्रकार हैं। उनका जन्म बिहार के भोजपुर जिले के बहियारा गांव में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की, लेकिन अपने विजन, परिश्रम और समर्पण के बल पर उन्होंने एक नई पहचान बनाई। आर.के. सिन्हा सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) के संस्थापक हैं, जो भारत और ऑस्ट्रेलिया में निजी सुरक्षा समाधान प्रदान करने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक है। यह कंपनी आज लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार देती है।
उनकी नेट वर्थ ₹10,000 करोड़ से अधिक आंकी गई है, जिससे वे देश के अग्रणी उद्यमियों में शामिल हो चुके हैं। एक साधारण पत्रकार से एक अरबपति उद्योगपति तक का उनका यह सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो यह साबित करता है कि मेहनत, ईमानदारी और लगन से कोई भी व्यक्ति शून्य से शिखर तक पहुंच सकता है।
कला, शिक्षा और पत्रकारिता के प्रेरणास्रोत
- प्रकाश झा
प्रकाश झा, बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से आने वाले एक प्रसिद्ध और सम्मानित फिल्म निर्देशक हैं। उन्होंने अपने करियर में ऐसी कई फिल्मों का निर्देशन किया है जो समाज और राजनीति से जुड़े गंभीर मुद्दों को उजागर करती हैं। उनकी फिल्मों की खासियत यह है कि वे यथार्थ से प्रेरित होती हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं। गंगाजल, राजनीति, अपहरण, आरक्षण, और सत्याग्रह जैसी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने पुलिस व्यवस्था, राजनीतिक भ्रष्टाचार, शिक्षा में असमानता और सामाजिक अन्याय जैसे विषयों पर गहराई से प्रकाश डाला। उनकी सिनेमा दृष्टि न सिर्फ मनोरंजन प्रदान करती है, बल्कि समाज में बदलाव की भावना भी जगाती है। - रवीश कुमार
बिहार के मोतिहारी में इनका जन्म हुआ। एक बेहतर पत्रकार और टीवी एंकर हैं। वह बेरोजगारी और शिक्षा जैसे सार्वजनिक मुद्दों पर निडर होकर बोलने के लिए जाने जाते हैं। उन्हें एशिया के नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले रेमन मैग्सेसे पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिले हैं। रवीश को ईमानदार और जन-केंद्रित पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया जाता है। - वशिष्ठ नारायण सिंह
पद्मश्री वशिष्ठ नारायण सिंह भारत के महान गणितज्ञों में से एक थे, जिन्हें उनकी विलक्षण प्रतिभा और गणित के प्रति अद्भुत समर्पण के लिए जाना जाता है। उनका जन्म बिहार के भोजपुर जिले के बसंतपुर गांव में हुआ था। बचपन से ही उनकी गणित में गहरी रुचि थी और उन्होंने बहुत कम उम्र में ही अपनी असाधारण बुद्धिमत्ता का परिचय दे दिया था।
वशिष्ठ नारायण सिंह ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और उसके बाद नासा सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया। उन्हें विश्व के सबसे प्रतिभाशाली गणितज्ञों में गिना जाता है। उन्होंने आइंस्टीन के प्रसिद्ध सिद्धांत e=mc² को चुनौती दी थी, जो उनकी वैज्ञानिक सोच और गहराई को दर्शाता है।
हालांकि जीवन के एक दौर में वे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझे, फिर भी उनके ज्ञान और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। भारत सरकार ने उनके योगदान के सम्मान में उन्हें मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया। उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो यह सिखाता है कि कठिनाइयों के बावजूद प्रतिभा कभी व्यर्थ नहीं जाती।
- आनंद कुमार
आनंद कुमार एक प्रसिद्ध भारतीय शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में अपने अद्वितीय योगदान के लिए जाने जाते हैं। वे बिहार की राजधानी पटना में सुपर 30 नामक कोचिंग संस्थान के संस्थापक हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को आईआईटी-जेईई की मुफ्त कोचिंग प्रदान करता है। आनंद कुमार का उद्देश्य उन छात्रों को बराबरी का अवसर देना है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते।
अब तक उन्होंने सैकड़ों गरीब छात्रों को आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिलाने में मदद की है। उनकी मेहनत और समर्पण से प्रेरित होकर बॉलीवुड में उनके जीवन पर आधारित फिल्म सुपर 30 बनाई गई, जिसमें आनंद कुमार का किरदार अभिनेता ऋतिक रोशन ने निभाया।
आनंद कुमार का मानना है कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, चाहे उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। वे शिक्षा के माध्यम से समाज में समानता और जागरूकता लाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उनका कार्य न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी।
- एचसी वर्मा
यदि आप इन्हें नहीं जानते, तो किसी भी इंजीनियरिंग स्टूडेंट से जरूर पूछिए — क्योंकि प्रोफेसर एच.सी. वर्मा का नाम हर उस छात्र की ज़ुबान पर होता है जो फिजिक्स की तैयारी करता है। प्रोफेसर वर्मा आईआईटी कानपुर में भौतिकी के पूर्व प्रोफेसर रह चुके हैं और उन्हें भौतिकी शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए जाना जाता है। उनकी लिखी पुस्तक “कॉन्सेप्ट्स ऑफ फिजिक्स” को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, खासकर आईआईटी-जेईई की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए “बाइबिल” माना जाता है।
एच.सी. वर्मा का जन्म बिहार के दरभंगा जिले में हुआ था। उन्होंने विज्ञान को सरल, रोचक और समझने योग्य बनाने का जीवन भर प्रयास किया। भले ही वह एक प्रोफेसर हों, लेकिन उनकी सादगी, समर्पण और शिक्षण शैली उन्हें लाखों छात्रों के दिल के बेहद करीब बनाती है।
भारत सरकार ने उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है। इसके अलावा उन्हें अनेक शैक्षणिक और सामाजिक सम्मान भी मिल चुके हैं। उनका जीवन और कार्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और उत्कृष्टता का प्रतीक है, जो आज भी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
- आर.के. श्रीवास्तव
आर.के. श्रीवास्तव भारत के प्रसिद्ध और समर्पित शिक्षक हैं, जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए जाना जाता है। उनका जन्म बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज में हुआ था। उन्हें “₹1 गुरु दक्षिणा गुरु” के नाम से जाना जाता है, क्योंकि वे केवल ₹1 फीस लेकर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को आईआईटी जैसे कठिन प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराते हैं। उनकी संस्था रोहतास और पटना में स्थित है और अब तक वे 950 से अधिक छात्रों को मात्र एक रुपये में पढ़ाकर आईआईटी में प्रवेश दिला चुके हैं।
आर.के. श्रीवास्तव विशेष रूप से गणित के शिक्षक हैं और उन्हें पाइथागोरस प्रमेय को 50 से अधिक विभिन्न तरीकों से सिद्ध करने के लिए भी जाना जाता है। उनके इस शैक्षणिक योगदान ने उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया है।
भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। उनके प्रयासों ने न केवल कई गरीब छात्रों के सपनों को पंख दिए हैं, बल्कि समाज में शिक्षा के माध्यम से बदलाव लाने की एक मिसाल भी कायम की है। उनका कार्य आज भी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
- मनोज तिवारी
मनोज तिवारी एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक भोजपुरी गायक के रूप में की और देखते ही देखते भोजपुरी सिनेमा के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार हो गए। उनका जन्म बिहार के कैमूर जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी मधुर आवाज़ और अभिनय कौशल से न केवल ग्रामीण दर्शकों को बल्कि शहरी वर्ग को भी प्रभावित किया।
भोजपुरी फिल्मों में अपार सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ गए। वे दिल्ली से लोकसभा सांसद भी चुने गए और पार्टी के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे। राजनीति में आने के बाद भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई और वे जनसंपर्क और जनभावनाओं से जुड़ने की अपनी कला के लिए जाने जाते हैं।
मनोज तिवारी आज न केवल एक सफल कलाकार बल्कि एक सक्रिय राजनीतिज्ञ भी हैं, जो समाज और संस्कृति दोनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनका जीवन संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है, जो युवाओं के लिए एक प्रेरणा बना हुआ है।
20. अनिल अग्रवाल
अनिल अग्रवाल बिहार के पटना से निकलकर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल हुए हैं। एक गरीब परिवार से आने वाले अनिल ने मात्र 19 वर्ष की उम्र में पटना छोड़ मुंबई जाकर स्क्रैप डीलर के रूप में काम शुरू किया। बाद में उन्होंने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज और वेदांता रिसोर्सेज की स्थापना की और इनकी सफलता से उनकी कुल संपत्ति 3 अरब डॉलर से अधिक हो गई। वे अपने सरल और विनम्र स्वभाव के लिए भी जाने जाते हैं।
बिहार की ये 20 मशहूर हस्तियां कि जीवनी बताती हैं कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। चाहे वह राजनीति, फिल्म, संगीत, शिक्षा या पत्रकारिता हो, सभी ने कड़ी मेहनत की है और बिहार को गौरवान्वित किया है। उनकी कहानियाँ साबित करती हैं कि प्रतिभा, समर्पण और साहस से कोई भी व्यक्ति महान ऊंचाइयों तक पहुँच सकता है और दुनिया में बदलाव ला सकता है।