सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद के बीच, चुनाव आयोग ने आज शाम 4 बजे सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक दिन में मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रारूप जारी होने के तुरंत बाद हो रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक दलों को मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की पूरी जानकारी देना और उनके सवालों का जवाब देना है।
चुनाव आयोग के अधिकारी इस बैठक में विस्तार से बताएंगे कि ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया के तहत यह ड्राफ्ट कैसे तैयार किया गया है। वे यह भी जानकारी देंगे कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गलती, जैसे कि नाम का गलत तरीके से हटाया जाना या किसी नए योग्य मतदाता का नाम शामिल न होना, जैसी आपत्तियों को कैसे दूर किया जा सकता है।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ‘इंडिया ब्लॉक’ के नेताओं ने इस प्रक्रिया को “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया है और आरोप लगाया है कि इसके तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। इस बैठक के दौरान, विपक्षी दल इन आरोपों और अपनी आशंकाओं को चुनाव आयोग के सामने रख सकते हैं।
चुनाव आयोग इस बैठक में राजनीतिक दलों को ‘दावा और आपत्ति’ दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में बताएगा। आयोग के अधिकारी जानकारी देंगे कि आगामी दिनों में जगह-जगह कैंप लगाकर यह काम कैसे किया जाएगा। मतदाताओं को 1 सितंबर तक अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया है। चुनाव आयोग उम्मीद कर रहा है कि इस बैठक के माध्यम से वह राजनीतिक दलों के बीच पैदा हुई आशंकाओं को दूर कर सकेगा और पूरी प्रक्रिया में उनका सहयोग सुनिश्चित कर पाएगा।