सिटी पोस्ट लाइव
भोजपुरी सिनेमा के ‘पावर स्टार’ और हाल ही में दोबारा बीजेपी में शामिल हुए पवन सिंह को रोहतास जिले की डेहरी अनुमंडल अदालत से बड़ी राहत मिली है। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान काराकाट निर्वाचन क्षेत्र में बिना अनुमति रोड शो करने और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है।
कोर्ट परिसर में भारी हंगामा और भीड़
मंगलवार को जब पवन सिंह कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे, तो उन्हें देखने के लिए प्रशंसकों और वकीलों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। कई अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर के भीतर ही पवन सिंह के साथ सेल्फी ली, जबकि सुरक्षाबलों ने मीडियाकर्मियों को तस्वीरें लेने से रोकने का प्रयास किया, जिससे वहां गहमागहमी का माहौल बना रहा।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है, जब पवन सिंह ने काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और उन पर बिना प्रशासनिक अनुमति के लंबा रोड शो निकालने के आरोप में चुनाव आयोग के निर्देश पर आचार संहिता उल्लंघन की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने अब पवन सिंह के साथ-साथ उनके सहयोगी अंबुज सिंह को भी जमानत दे दी है, जिन पर उसी विवादित रोड शो के कारण मामला दर्ज किया गया था।
राजनीतिक सफर और विवाद
पवन सिंह का चुनावी सफर काफी चर्चा में रहा था। बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण काराकाट सीट पर एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा तीसरे नंबर पर खिसक गए थे और जीत सीपीआई माले के राजा राम सिंह की हुई थी। हालांकि, बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पवन सिंह ने अपनी पुरानी पार्टी बीजेपी का दामन थाम लिया है।
अदालत से बाहर निकलने के बाद पवन सिंह ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उन्हें भारतीय कानून पर पूरा भरोसा है और वे न्यायपालिका का सम्मान करते हैं। उनके वकीलों ने इसे एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया बताया।