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पटना: बिस्कोमान चुनाव सम्पन्न होने के बावजूद 5 दिन बाद मतगणना दुबारा कराने के निर्णय पर विवाद गहरा गया है। एक फरवरी को पुनर्गणना होगी। वर्षों तक बिस्कोमान के अध्यक्ष रहे सुनील सिंह ने आज एक प्रेस वार्ता में री काउंटिंग के फैसले पर सवाल उठाए और पुनर्मतगणना के खिलाफ अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव की मर्यादाओं से बाहर है और वे इसे न्यायालय में चुनौती देंगे। सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार अपने समर्थकों को लाभ पहुंचाने के लिए चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने बताया कि चुनावी प्रक्रिया 15 महीने लंबी चली और कई बार इस प्रक्रिया को रद्द किया गया, लेकिन अब जब परिणाम घोषित किए जाने थे, तो मतगणना को फिर से कराने का आदेश दिया गया है। सुनील सिंह ने यह भी कहा कि चुनाव पूरी तरह से ईमानदारी से हुआ था और भारत सरकार के बड़े अधिकारियों की देखरेख में मतगणना की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रिटर्निंग अफसर पर दबाव डाला जा रहा है और अगर मतगणना में एक भी वोट में हेरफेर हुआ, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
साथ ही, उन्होंने सीएम नीतीश कुमार पर भी तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मानसिक रूप से बीमार हैं और डीके सरकार चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है। सुनील सिंह ने अपनी प्रेस वार्ता में कहा कि यह घटना देश के चुनावी इतिहास में पहली बार हो रही है, और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर बिस्कोमान के अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि अगर कोई गड़बड़ी हुई, तो वे अदालत का रुख करेंगे।