BJP ने की बड़ी कार्रवाई: आरके सिंह को 6 साल का सस्पेंशन, नीतीश सरकार और सम्राट पर लगाए थे संगीन आरोप…

Ritu Raj

बिहार चुनाव परिणामों के तुरंत बाद भाजपा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से छह साल के लिए निलंबित कर दिया। पार्टी द्वारा जारी चिट्ठी में कहा गया है कि वे लगातार संगठन की लाइन से हटकर बयानबाजी कर रहे थे और चुनाव के दौरान गठबंधन उम्मीदवारों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाकर अनुशासनहीनता की सीमा पार कर चुके थे। हालिया दिनों में उन्होंने न केवल बिहार में 62 हजार करोड़ के बिजली घोटाले का आरोप नीतीश सरकार पर लगाया था, बल्कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, जेडीयू नेता अनंत सिंह और आरजेडी के सूरजभान सिंह को ‘हत्या का आरोपी’ बताने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे, जिसके बाद पार्टी ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया।

BJP ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए कटिहार से MLC अशोक अग्रवाल और कटिहार मेयर उषा अग्रवाल को भी छह साल के लिए सस्पेंड कर दिया है। पार्टी ने दोनों से एक हफ्ते के भीतर जवाब तलब किया है, नहीं देने पर निष्कासन की चेतावनी दी गई है। इसी बीच, सस्पेंड किए गए पूर्व मंत्री ने नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि बिहार सरकार ने अडाणी समूह के साथ किए गए बिजली खरीद समझौते में “बड़ी वित्तीय अनियमितताएँ” हुई हैं। उनके अनुसार, सरकार ने 25 साल के लिए 6.75 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने का एग्रीमेंट किया है, जबकि मौजूदा दर इससे काफी कम है। उनका आरोप है कि जमीन आवंटन से लेकर समझौते की शर्तों तक ति हर स्तर पर गड़बड़ी हुई है, जिसका सीधा बोझ बिहार की जनता पर पड़ेगा।

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आरके सिंह ने आगे कहा कि प्लांट निर्माण की वास्तविक लागत करीब 9 करोड़ रुपए आती है, लेकिन सरकार ने इससे कई गुना अधिक फिक्स चार्ज तय कर दिया है। उन्होंने X पर दस्तावेज़ भी साझा किए और दावा किया कि कागज़ात के मुताबिक फिक्स चार्ज 2.32 रुपए प्रति यूनिट होना चाहिए था, जबकि सरकार ने 4.16 रुपए मंजूर कर दिए। यानी प्रति यूनिट 1.84 रुपए की अतिरिक्त वसूली कि जो उनके अनुसार सीधा घोटाला है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “चोरी और सीना-ज़ोरी एक साथ नहीं चलेगा… हम भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुप नहीं रह सकते।”

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