सिटी पोस्ट लाइव
हाल ही में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। इनमें से एक अहम कदम 7 मई को देशभर के 244 जिलों में आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल (मॉडल अभ्यास) है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों में सही प्रतिक्रिया देने की ट्रेनिंग देना है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित खतरे या आतंकी हमले की स्थिति में जनता सुरक्षित रह सके। बिहार के पांच प्रमुख जिलों, पटना, बरौनी, कटिहार, पूर्णिया और बेगूसराय में भी इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
मॉक ड्रिल के दौरान 7 मई को शाम 7:00 बजे से 7:10 बजे तक सभी घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों की बत्तियां बंद कर दी जाएंगी, जिससे एक ब्लैकआउट (अंधेरा) की स्थिति बनेगी। साथ ही, विभिन्न स्थानों पर तेज आवाज में सायरन बजाए जाएंगे, ताकि लोगों को सतर्क किया जा सके और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की ट्रेनिंग दी जा सके। यह ड्रिल इस बात की जानकारी देने के लिए है कि हवाई हमलों की स्थिति में नागरिकों को क्या कदम उठाने चाहिए और उन्हें कैसे सुरक्षित रहना चाहिए।
पटना में इस मॉक ड्रिल की तैयारी की जा रही है। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान गांधी मैदान, पटना विश्वविद्यालय, पीएमसीएच और अन्य प्रमुख स्थानों पर सायरन बजेंगे। इस दौरान सड़क पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस भी दौड़ेंगी, ताकि लोग आपातकालीन सेवाओं के बारे में जान सकें। बिहार राज्य आपदा प्राधिकरण और नागरिक सुरक्षा निदेशालय द्वारा इस मॉक ड्रिल के लिए पूरी योजना तैयार की जा रही है। पटना के डीएम और अधिकारियों की बैठक इस विषय पर पहले ही हो चुकी है, ताकि सब कुछ सही ढंग से व्यवस्थित किया जा सके।
यह मॉक ड्रिल सिर्फ एक अभ्यास है, जिसमें नागरिकों को यह सिखाया जाएगा कि हवाई हमले या आतंकवादी हमले जैसी परिस्थितियों में उन्हें क्या करना चाहिए। चंद्रशेखर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अभ्यास है और लोग इससे घबराएं नहीं। यह रिहर्सल नागरिकों को और आपातकालीन सेवाओं को भविष्य में बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए है।
इस अभ्यास के दौरान 6:58 बजे सायरन बजाए जाएंगे, जो 2 मिनट तक चलेगा। उसके बाद बिजली काट दी जाएगी और 7:10 बजे फिर से सायरन बजेगा। इस दौरान सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को भी अपनी गाड़ी की लाइट बंद करने के लिए कहा जाएगा, जबकि एंबुलेंस को इससे छूट दी जाएगी।
इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में किसी भी संकट के दौरान लोग सही तरीके से प्रतिक्रिया कर सकें और सुरक्षित रह सकें।
पटना समेत कई जिलों में 7 मई को होगा ब्लैकआउट मॉक ड्रिल